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कर्बला में अली असगर की सबसे बड़ी शहादत
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:13 AM IST
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घोसी। कोपागंज के मोहल्ला फुलेलपूरा स्थित सदर इमाम बारगाह में 14 सफर बुधवार की रात आठ बजे अंजुमन अतफाले हुसैनी की ओर से शब्बेदारी का आयोजन किया गया। इमामे हुसैन के पुत्र अली असगर की याद में हुए इस आयोजन में खासी संख्या में अजादारों ने शिरकत की।
शब्बेदारी से पूर्व हुई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना हसन रजा ने कहा कि कर्बला के मैदान में सबसे बड़ी शहादत अली असगर की है, क्योंकि यह बच्चा उम्र में सबसे छोटा था। सिर्फ 6 महीने के अली असगर को इमाम हुसैन खुद अपने हाथों में लेकर जालिमों के सामने गए और कहा यजीदी फौज अगर तुम्हारी नजर में मैं गुनहगार हूं तो इस मासूम बच्चे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। बावजूद यजीदी फ़ौज ने मासूम अली को तीन फल के तीर से शहीद कर दिया। कर्बला का यह बयान सुनकर मजलिस में मौजूद हर अजादार रो पड़ा। संचालन हैदर अब्बास हैदरी ने किया।
शब्बेदारी मे दूर दूर से आई अंजुमनों ने नोहा मातम किया। अंजुमन अतफाले हुसैनी कोपागंज के साहबे बयाज के नौहे ‘खून भरी दास्तां का मातम है हुरमुला ने जिसे शहीद किया ये उसी बे जुबाँ का मातम है’सुन कर हर अजादार की आँखे नम हो गई। रात करीब दो बजे तक सदर इमामबारगाह शब्बेदारी होती रही। इस दौरान रिजवान हाशमी,जीशान हैदर, शमशीर अली, अली अब्बास, महबूब अली, मीसम अली समेत काफी संख्या में अजादारों की मौजूदगी रही।
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शब्बेदारी से पूर्व हुई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना हसन रजा ने कहा कि कर्बला के मैदान में सबसे बड़ी शहादत अली असगर की है, क्योंकि यह बच्चा उम्र में सबसे छोटा था। सिर्फ 6 महीने के अली असगर को इमाम हुसैन खुद अपने हाथों में लेकर जालिमों के सामने गए और कहा यजीदी फौज अगर तुम्हारी नजर में मैं गुनहगार हूं तो इस मासूम बच्चे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। बावजूद यजीदी फ़ौज ने मासूम अली को तीन फल के तीर से शहीद कर दिया। कर्बला का यह बयान सुनकर मजलिस में मौजूद हर अजादार रो पड़ा। संचालन हैदर अब्बास हैदरी ने किया।
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शब्बेदारी मे दूर दूर से आई अंजुमनों ने नोहा मातम किया। अंजुमन अतफाले हुसैनी कोपागंज के साहबे बयाज के नौहे ‘खून भरी दास्तां का मातम है हुरमुला ने जिसे शहीद किया ये उसी बे जुबाँ का मातम है’सुन कर हर अजादार की आँखे नम हो गई। रात करीब दो बजे तक सदर इमामबारगाह शब्बेदारी होती रही। इस दौरान रिजवान हाशमी,जीशान हैदर, शमशीर अली, अली अब्बास, महबूब अली, मीसम अली समेत काफी संख्या में अजादारों की मौजूदगी रही।
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