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बीज विधायन संयन्त्र का उद्धाटन
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:08 AM IST
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बढुआ गोदाम। नेफोर्ड और भारत सरकार द्वारा संचालित डीएसटी योजना के अंतर्गत शनिवार को डुमराव गांव स्थित बीज विधायन सयंन्त्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर किसान गोष्ठी में किसानों को तकनीकी खेती में उन्नत उपायों को अपनाकर अधिक उत्पादन लेने के उपाय बताए गए। गोष्ठी में 22 किसानों को श्री राम कुंवर सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के निदेशक डॉ. ज्योत्स्यनेंद्र सिंह ने कहा कि बीज विधायन संयंत्र की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह संयंत्र पूर्वांचल के किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराने की दिशा में किसानों के लिए वरदान साबित होगा। बीज अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. डीके अग्रवाल ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने में बीज की भूमिका अहम होती है। इस दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली और नेफोर्ड के वैज्ञानिकों की तरफ से एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। डॉ. एनके सिंह ने कहा कि किसान खरीफ के फसल की कटाई कर रवि सीजन की तैयारी शुरू कर सकते हैं। डा. संजय सिंह कहा कि गेहूं की सीधी बुवाई करने के लिए जीरो ट्रिल मशीन का प्रयोग करना लाभप्रद होगा। डॉ. राजीव सिंह ने किसानों समय और देर से बुवाई के लिए गेहूं की प्रजातियों की जानकारी दी। डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने सब्जी उत्पादन पर जोर देते हुए पूर्वाचल में इसकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. रमाकांत सिंह ने मृदा संबंधित समस्याओं के समाधान पर किसानों को जानकारी दी। अध्यक्षीय भाषण में नेफोर्ड निदेशक डॉ. राम कठिन सिंह ने गन्ना की खेती पर बल देते हुए कहा कि गन्ना की खेती के लिए के लिए उत्सुक किसानों की मदद के लिए संस्थान हमेशा तत्पर रहेगा। इस अवसर पर विजय शंकर पांडेय, अशोक यादव, आगम राम, विजय सिंह, शेषनाथ पांडेय किसान उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के निदेशक डॉ. ज्योत्स्यनेंद्र सिंह ने कहा कि बीज विधायन संयंत्र की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह संयंत्र पूर्वांचल के किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराने की दिशा में किसानों के लिए वरदान साबित होगा। बीज अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. डीके अग्रवाल ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने में बीज की भूमिका अहम होती है। इस दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली और नेफोर्ड के वैज्ञानिकों की तरफ से एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। डॉ. एनके सिंह ने कहा कि किसान खरीफ के फसल की कटाई कर रवि सीजन की तैयारी शुरू कर सकते हैं। डा. संजय सिंह कहा कि गेहूं की सीधी बुवाई करने के लिए जीरो ट्रिल मशीन का प्रयोग करना लाभप्रद होगा। डॉ. राजीव सिंह ने किसानों समय और देर से बुवाई के लिए गेहूं की प्रजातियों की जानकारी दी। डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने सब्जी उत्पादन पर जोर देते हुए पूर्वाचल में इसकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. रमाकांत सिंह ने मृदा संबंधित समस्याओं के समाधान पर किसानों को जानकारी दी। अध्यक्षीय भाषण में नेफोर्ड निदेशक डॉ. राम कठिन सिंह ने गन्ना की खेती पर बल देते हुए कहा कि गन्ना की खेती के लिए के लिए उत्सुक किसानों की मदद के लिए संस्थान हमेशा तत्पर रहेगा। इस अवसर पर विजय शंकर पांडेय, अशोक यादव, आगम राम, विजय सिंह, शेषनाथ पांडेय किसान उपस्थित रहे।
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