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जहां नारियों का सम्मान वहां देव विराजमान
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:33 PM IST
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मऊ। महावीर सेवा समित के तत्वाधान में नगर क्षेत्र के हनुमान नगर भीटी में हो रही भगवत कथा में शुक्रवार को प्रवचनकर्ता मणिरामदास जी महाराज ने भागवत कथा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि भागवत कथा श्रवण करने से मनुष्य की चित्तवृत्ति वश में रहती है। जिस घर में प्रतिदिन भागवत कथा होती है, वह घर तीर्थ के समान हो जाता है।
मणिरामदास जी महाराज ने श्रीकृष्ण के बालस्वरुप की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान गोपियों के घर से माखन चुराकर खाने का एक ही उद्देश्य था गोपियों को दर्शन देना। श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की चर्चा करते हुए बताया कि जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं। स्त्रियां तीन कुलों का उद्घार करती हैं। श्रीकृष्ण का चत्रि पूरे समाज के लिए आदर्श है। इस अवसर पर रमेश सोनकर, अमरनाथ मिश्र, ऋषिकेश पांडेय, राम अवध सिंह, संजय राय, संजय सिंह, रिंकू राय, अखिलेश यादव, संदीप शर्मा, हरेंद्र, श्रवण कुमार, विपिन मद्घेशिया, धीरज, बलवंत चौहान, सुदामा, छोटू सिंह, राजन आदि रहे।
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मणिरामदास जी महाराज ने श्रीकृष्ण के बालस्वरुप की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान गोपियों के घर से माखन चुराकर खाने का एक ही उद्देश्य था गोपियों को दर्शन देना। श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की चर्चा करते हुए बताया कि जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं। स्त्रियां तीन कुलों का उद्घार करती हैं। श्रीकृष्ण का चत्रि पूरे समाज के लिए आदर्श है। इस अवसर पर रमेश सोनकर, अमरनाथ मिश्र, ऋषिकेश पांडेय, राम अवध सिंह, संजय राय, संजय सिंह, रिंकू राय, अखिलेश यादव, संदीप शर्मा, हरेंद्र, श्रवण कुमार, विपिन मद्घेशिया, धीरज, बलवंत चौहान, सुदामा, छोटू सिंह, राजन आदि रहे।
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