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आमरण अनशन में तब्दील हुआ प्राथमिक शिक्षकों का धरना
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मऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को आमरण अनशन में तब्दील हो गया। धरने को कई संगठनों ने समर्थन दिया।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयनरायन द्विवेदी ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हठधर्मी रवैए के जितनी निंदा की जाए वह कम ही है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव, मंत्री विवेकानंद गुप्त ने एक स्वर से बीएसए के हठधर्मिता के रवैए की निंदा की। जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शिक्षकों के जायज मांगों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पूरा करना ही पड़ेगा। जो शिक्षक सात महीने से निलंबित और आरोप पत्र नहीं दिया गया है। उन्हेे तत्काल बहाल किया जाए। नियम यह कि यदि तीन माह में आरोप पत्र नहीं मिलेगा तो निलंबित कर्मचारी बहाल हो जाएगा। एक वर्ष से शिक्षकों का नियम विरूद्ध कटा वेतन बहाल किया जाए। आरोप लगाते हुए कहा कि खेल सामग्री एवं पुस्तकालय की पुस्तकों की खरीद वित्तीय नियमों को तोड़कर ठेकेदार के माध्यम से कराई जा रही है। जबकि ग्राम शिक्षा समिति द्वारा खरीद होनी है। प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो जाने के बाद भी शिक्षको का वेतन आदेश जारी नहीं किया जा रहा है। कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद बीएसए पूर्वाह्न नौ बजे से पूूर्वाह्न 11 बजे तक कार्यालय में उपस्थित नही रह रहे है और शिक्षक अपनी मॉगों के संबंध में रात में भी कार्यालय पर डटे हैं। धरने को जगदीश गौतम, रामानंद यादव, विजय कुमार सिंह, सूर्यभान शर्मा, मनिराम आदि ने संबोधित किया। धरने में संतोष राय, उपेंद्र नाथ तिवारी, मनोज कुमार चैहान, अफजाल अहमद, मनिराम, धीरेंद्र कुमार राय, सुनील राय, सिद्धनाथ प्रसाद, रामचन्द्र यादव, महेश यादव, विन्ध्याचल प्रसाद, दिनेश कुमार यादव, मनोज कुमार राय, रामाकांत यादव, सुरेन्द्र नाथ यादव, हृदेश पांडेय आदि उपस्थित थे ।
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इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयनरायन द्विवेदी ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हठधर्मी रवैए के जितनी निंदा की जाए वह कम ही है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव, मंत्री विवेकानंद गुप्त ने एक स्वर से बीएसए के हठधर्मिता के रवैए की निंदा की। जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि शिक्षकों के जायज मांगों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पूरा करना ही पड़ेगा। जो शिक्षक सात महीने से निलंबित और आरोप पत्र नहीं दिया गया है। उन्हेे तत्काल बहाल किया जाए। नियम यह कि यदि तीन माह में आरोप पत्र नहीं मिलेगा तो निलंबित कर्मचारी बहाल हो जाएगा। एक वर्ष से शिक्षकों का नियम विरूद्ध कटा वेतन बहाल किया जाए। आरोप लगाते हुए कहा कि खेल सामग्री एवं पुस्तकालय की पुस्तकों की खरीद वित्तीय नियमों को तोड़कर ठेकेदार के माध्यम से कराई जा रही है। जबकि ग्राम शिक्षा समिति द्वारा खरीद होनी है। प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो जाने के बाद भी शिक्षको का वेतन आदेश जारी नहीं किया जा रहा है। कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद बीएसए पूर्वाह्न नौ बजे से पूूर्वाह्न 11 बजे तक कार्यालय में उपस्थित नही रह रहे है और शिक्षक अपनी मॉगों के संबंध में रात में भी कार्यालय पर डटे हैं। धरने को जगदीश गौतम, रामानंद यादव, विजय कुमार सिंह, सूर्यभान शर्मा, मनिराम आदि ने संबोधित किया। धरने में संतोष राय, उपेंद्र नाथ तिवारी, मनोज कुमार चैहान, अफजाल अहमद, मनिराम, धीरेंद्र कुमार राय, सुनील राय, सिद्धनाथ प्रसाद, रामचन्द्र यादव, महेश यादव, विन्ध्याचल प्रसाद, दिनेश कुमार यादव, मनोज कुमार राय, रामाकांत यादव, सुरेन्द्र नाथ यादव, हृदेश पांडेय आदि उपस्थित थे ।
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