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हत्या के प्रयास में सात साल की सजा
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक आदिल अफताब अहमद ने आठ वर्षीय किशोर की हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार, डोमनपुरा मोहल्ला निवासी वादी मुकदमा कलीम पुत्र मोहम्मद सलीम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें जावेद अख्तर पुत्र मोहम्मद सलीम को आरोपी बनाया गया। वादी का कथन है कि चार फरवरी 2012 को आरोपी ने उसके लड़के रेहान अंसारी को जान से मारने की नियत से हथौड़ी से प्रहार कर दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने छह गवाह पेश किए । एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जावेद अख्तर को हत्या के प्रयास का दोषी पाया । दोषी पाए जाने के बाद उसे सात वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
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मामले के अनुसार, डोमनपुरा मोहल्ला निवासी वादी मुकदमा कलीम पुत्र मोहम्मद सलीम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें जावेद अख्तर पुत्र मोहम्मद सलीम को आरोपी बनाया गया। वादी का कथन है कि चार फरवरी 2012 को आरोपी ने उसके लड़के रेहान अंसारी को जान से मारने की नियत से हथौड़ी से प्रहार कर दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने छह गवाह पेश किए । एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जावेद अख्तर को हत्या के प्रयास का दोषी पाया । दोषी पाए जाने के बाद उसे सात वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
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