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एमआर टीकाकरण के बाद खुले में डंप हो रहा निडिल
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मऊ। जिले में बायो मेडिकल वेस्ट लोगों की सेहत के लिए साइलेंस खतरा बनता जा रहा है। अस्पताल मैनेजमेंट नियमों को धता बताकर बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में डाल रहा है। जिले में चल रहे मिजिल्स रूबैला टीकाकरण अभियान के तहत टीकाकरण करने के बाद प्रयोग में लाई गई सीरिंज और दूसरे उपकरणों को सेफ्टी पिट में डालने के बजाए खुले में डंप किया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं।
बताते चले कि सरकारी अस्पताल में मेडिकल वेस्ट को खुले में डंप से रोकने के लिए हर सरकारी अस्पताल में सेफ्टी पिट बना हुआ है, जहां प्रयोग के बाद मेडिकल वेस्ट को इसमें संग्रहित करना होता है, लेकिन कई जगहों पर सेफ्टी पिट का अभाव है, वहीं जहां यह लगी भी है तो वहां के जिम्मेदारों के नाक के नीचे खुले में मेडिकल वेस्ट डंप किया जा रहा है।
जिले में 10 दिसंबर 2018 से चल रहे मिजिल्स रूबैला टीकाकरण अभियान के तहत लाखों बच्चों को दोनों रोगों का टीकाकरण करने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर सीरिंज को खुले में फेका जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस संबंध में अधिकारी भी मान रहे हैं कि अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट जनरल वेस्ट में मिल रहा है, ऐसे में यह संक्रमण बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है।
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सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहाकि सभी सरकारी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के संग्रहण के लिए सेफ्टी पिट की व्यवस्था है, फिर भी अगर कोई खुले में मेडिकल वेस्ट डंप कर रहा है तो जानकारी लेकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चले कि सरकारी अस्पताल में मेडिकल वेस्ट को खुले में डंप से रोकने के लिए हर सरकारी अस्पताल में सेफ्टी पिट बना हुआ है, जहां प्रयोग के बाद मेडिकल वेस्ट को इसमें संग्रहित करना होता है, लेकिन कई जगहों पर सेफ्टी पिट का अभाव है, वहीं जहां यह लगी भी है तो वहां के जिम्मेदारों के नाक के नीचे खुले में मेडिकल वेस्ट डंप किया जा रहा है।
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जिले में 10 दिसंबर 2018 से चल रहे मिजिल्स रूबैला टीकाकरण अभियान के तहत लाखों बच्चों को दोनों रोगों का टीकाकरण करने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर सीरिंज को खुले में फेका जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस संबंध में अधिकारी भी मान रहे हैं कि अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट जनरल वेस्ट में मिल रहा है, ऐसे में यह संक्रमण बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है।
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सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहाकि सभी सरकारी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के संग्रहण के लिए सेफ्टी पिट की व्यवस्था है, फिर भी अगर कोई खुले में मेडिकल वेस्ट डंप कर रहा है तो जानकारी लेकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।