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निरंकार होते हुए भी सर्वव्यापी है परमात्मा
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:04 AM IST
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मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कस्बा के नाजोपट्टी खैराबाद गांव स्थित संत निरंकारी भवन पर रविवार को निरंकार ब्रह्म की व्यापकता बताई गई। इस अवसर पर महात्मा सेखरज ने कहा कि परमात्मा निरंकार है, फिर भी हर जगह मौजूद रहता है। आवश्यकता यह है कि हम उसे जानें, पहचानें और पुकारें। वह हम सब में है भगवान का उल्लेख करते हुए कहा कि भक्त प्रह्लाद को परमात्मा ने उसके पुकारे जाने पर खंभ को तोड़कर स्वयं दर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। इसके लिए गुरु की शरण में जाकर सीख लेनी होगी। गुरु वह शक्ति है जो परमात्मा तक जाने का मार्ग बताता है। गुरु व परमात्मा का अंतर बताते हुए कहा कि परमात्मा पृथ्वी पर स्वयं उतरकर जब लीलाएं करने लगता है तो वही गुरु है। इसलिए गुरु और परमात्मा एक ही चीज है। परमात्मा की उपासना करने से पहले गुरु को याद करना जरूरी है। इस अवसर पर सत्य प्रकाश, रामचरन, राम मुराली, जगपत, सुदेसरा देवी, राधिका देवी, मेवाती देव,ी घुरभारी राम आदि उपस्थित रहें।
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उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। इसके लिए गुरु की शरण में जाकर सीख लेनी होगी। गुरु वह शक्ति है जो परमात्मा तक जाने का मार्ग बताता है। गुरु व परमात्मा का अंतर बताते हुए कहा कि परमात्मा पृथ्वी पर स्वयं उतरकर जब लीलाएं करने लगता है तो वही गुरु है। इसलिए गुरु और परमात्मा एक ही चीज है। परमात्मा की उपासना करने से पहले गुरु को याद करना जरूरी है। इस अवसर पर सत्य प्रकाश, रामचरन, राम मुराली, जगपत, सुदेसरा देवी, राधिका देवी, मेवाती देव,ी घुरभारी राम आदि उपस्थित रहें।
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