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सिया राम का विवाह भक्त एवं भगवान के मिलन का प्रतीक
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:17 PM IST
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दुबारी। अमर शहीद कुवंर मुन्नी सिंह तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में क्षेत्र के तिघरा गांव स्थित मां भगवती मां भागेश्वरी मंदिर के प्रागंण में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन रविवार को कथावाचक रमेश भाई शुक्ल ने कहा कि राम सीता का विवाह भक्ति भगवान का मिलन है। भगवान राम एवं माता जानकी के विवाह के पूर्व घटित घटनाओं को मनुष्य आत्मसात करे तो भगवान का मिलन संभव है। बताया कि भगवान राम ने ताड़का का वध किया। ताड़का मन की दुर्वासना का प्रतीक है,वहीं अहिल्या का उध्दार बुध्दि का स्वरुप है जो संसार के भोगों का चिंतन करके जड़ हो गयी। शिव धनुष का भंग होना अहंकार का प्रतीक है अर्थात मनुष्य को गुरु कृपा से अपने अहंकार का भंजन करना चाहिए। धनुष भंग के बाद परशुराम का विष्णु धनुष राम के पास जाना चिंता का प्रतीक है। भगवद प्राप्ति के लिए मनुष्य को मन की दुर्वासना का शमन, बुद्धिरुपी अहिल्या का उद्धार, अहंकार का भंजन और चित्त राम में लगाना चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक प्रधान कुवंर श्याम नारायण सिंह, पूर्व विधायक अमरेशचंद पांडेय, मारकंडेय सिंह, शंकर मध्देशिया, दिनेश गुप्ता, चेयरमैन बेल्थरा रोड़ बैजनाथ सिंह, संजय कुमार श्रीवास्तव, रामनारायन सिंह, धनिराम मौर्य, पंकज आदि रहे।
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