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Mau News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 13 साल की कठोर कारावास
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग युवती को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में नामजद आरोपी को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे 13 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 55 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की को आरोपी नौ मार्च को बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना शुरू की। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव निवासी मिथुन कुमार पुत्र जगन्नाथ के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मिथुन कुमार को नाबालिग को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे दुष्कर्म के मामले में 13 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं नाबालिग को भगाने के मामले में 4 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। तथा शादी के आशय से भगाने के मामले में 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की को आरोपी नौ मार्च को बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना शुरू की। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव निवासी मिथुन कुमार पुत्र जगन्नाथ के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मिथुन कुमार को नाबालिग को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे दुष्कर्म के मामले में 13 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं नाबालिग को भगाने के मामले में 4 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। तथा शादी के आशय से भगाने के मामले में 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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