{"_id":"5b5f3ef04f1c1b1e308b7d17","slug":"121532968688-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्री सुविधाओं से अछूता है स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्री सुविधाओं से अछूता है स्टेशन
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। रोशनी की व्यवस्था न होने से रात में पूरा स्टेशन परिसर अंधेरे में डूबा रहता है। इसके अलावा पीने के पानी व बैठने तक का इंतजाम नहीं है।
स्टेशन से रोजाना औसतन 300 यात्री अन्य स्टेशनों की यात्रा करते हैं। मऊ जंक्शन के बाद दूसरा जंक्शन होने के चलते कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होने से बलिया, बेल्थरारोड, रतनपुरा, रसड़ा, हलधरपुर स्टेशन सहित दूूसरे स्टेशन से भी कई यात्रियों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में विभाग को खासी आमदनी भी होती है, इसके बाद भी यात्रियों को कोई सहूलियत नहीं मिल रही है। पीने के पानी की व्यवस्था न होने से यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। ट्रेनों की प्रतीक्षा में बैठने तक का इंतजाम नहीं है। रोशनी की व्यवस्था न होने से शाम होते ही स्टेशन परिसर अंधेरे में डूब जाता है। इससे अराजक तत्व सक्रिय रहते हैं। स्टेशन के आसपास अतिक्रमण व बेतरतीब पार्किंग से भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्टेशन मास्टर मुरली मनोहर सिंह का कहना है कि संबंधित अफसरों से अतिक्रमण की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्टेशन के विकास के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
इनसेट
छह माह से खराब है डिस्प्ले बोर्ड
इंदारा। जक्शंन पर रेलवे द्वारा प्लेटफार्म एक और प्लेटफार्म दो पर एक दर्जन डिस्पले बोर्ड लगाया गया था। सूत्र बताते हैं कि रेलवे द्वारा लाखों की लागत से दोनों प्लेटफार्म पर एक्सप्रेस ट्रेनों के कोचों की सही लोकेशन के लिए डिस्पले बोर्ड लगाया गया था। लगाने के एक माह बाद से डिस्पले बोर्ड खराब हो गया।
विज्ञापन
स्टेशन से रोजाना औसतन 300 यात्री अन्य स्टेशनों की यात्रा करते हैं। मऊ जंक्शन के बाद दूसरा जंक्शन होने के चलते कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होने से बलिया, बेल्थरारोड, रतनपुरा, रसड़ा, हलधरपुर स्टेशन सहित दूूसरे स्टेशन से भी कई यात्रियों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में विभाग को खासी आमदनी भी होती है, इसके बाद भी यात्रियों को कोई सहूलियत नहीं मिल रही है। पीने के पानी की व्यवस्था न होने से यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। ट्रेनों की प्रतीक्षा में बैठने तक का इंतजाम नहीं है। रोशनी की व्यवस्था न होने से शाम होते ही स्टेशन परिसर अंधेरे में डूब जाता है। इससे अराजक तत्व सक्रिय रहते हैं। स्टेशन के आसपास अतिक्रमण व बेतरतीब पार्किंग से भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
स्टेशन मास्टर मुरली मनोहर सिंह का कहना है कि संबंधित अफसरों से अतिक्रमण की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्टेशन के विकास के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
इनसेट
छह माह से खराब है डिस्प्ले बोर्ड
इंदारा। जक्शंन पर रेलवे द्वारा प्लेटफार्म एक और प्लेटफार्म दो पर एक दर्जन डिस्पले बोर्ड लगाया गया था। सूत्र बताते हैं कि रेलवे द्वारा लाखों की लागत से दोनों प्लेटफार्म पर एक्सप्रेस ट्रेनों के कोचों की सही लोकेशन के लिए डिस्पले बोर्ड लगाया गया था। लगाने के एक माह बाद से डिस्पले बोर्ड खराब हो गया।