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सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करे सरकार
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:05 AM IST
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मऊ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने पूना पैक्ट रद्द करने तथा कम्युनल अवार्ड लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर तथा उच्च वर्ग प्रतिनिधियों के बीच वर्ष 1932 में पूना पैक्ट नाम का एक समझौता हुआ था। कम्युनल अवार्ड के बदले पूना समझौते में सदियों से वंचित वर्गो के प्रतिनिधित्व के मौलिक अधिकार की नींव रखी गई जो कि देश के स्वतंत्रता के बादबने संविधान में दर्ज कर विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से आरक्षण के रुप में प्रचलित हुआ। कहा कि आरक्षण व प्रोन्नतियों में आरक्षण का कानून बनाकर संविधान की नौवीं अनुसूची में रखा जाए। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू किया जाए।
निजी क्षेत्र के संविदा भर्ती में आरक्षण लागू किया जाए। मनुष्य का मल मनुष्य उठाया जाना तथा सिर पर मैला ढ़ोने की प्रथा देश की सरकारों के माथे पर कलंक है। इस प्रथा को समाप्त किए जाने का कानून बना दिए जाने के बाद भी समूल नष्ट नहीं किया जा सका है। धरने के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरने को सुबेदार राजभर, मुंशी प्रेमचंद, कमला प्रसाद, महेंद्र कुमार, यशवंत धीर, मेवा प्रताप, सुरेश प्रसाद, सुबाष चंद, कमलेश कुमार आदि ने संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर तथा उच्च वर्ग प्रतिनिधियों के बीच वर्ष 1932 में पूना पैक्ट नाम का एक समझौता हुआ था। कम्युनल अवार्ड के बदले पूना समझौते में सदियों से वंचित वर्गो के प्रतिनिधित्व के मौलिक अधिकार की नींव रखी गई जो कि देश के स्वतंत्रता के बादबने संविधान में दर्ज कर विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से आरक्षण के रुप में प्रचलित हुआ। कहा कि आरक्षण व प्रोन्नतियों में आरक्षण का कानून बनाकर संविधान की नौवीं अनुसूची में रखा जाए। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू किया जाए।
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निजी क्षेत्र के संविदा भर्ती में आरक्षण लागू किया जाए। मनुष्य का मल मनुष्य उठाया जाना तथा सिर पर मैला ढ़ोने की प्रथा देश की सरकारों के माथे पर कलंक है। इस प्रथा को समाप्त किए जाने का कानून बना दिए जाने के बाद भी समूल नष्ट नहीं किया जा सका है। धरने के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरने को सुबेदार राजभर, मुंशी प्रेमचंद, कमला प्रसाद, महेंद्र कुमार, यशवंत धीर, मेवा प्रताप, सुरेश प्रसाद, सुबाष चंद, कमलेश कुमार आदि ने संबोधित किया।
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