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मछुआ समुदाय ने किया प्रदर्शन
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:32 AM IST
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निषाद पार्टी के तत्वावधान में मछुआ समुदाय के लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. आशा प्रसाद निषाद ने कहा कि हाईकोर्ट 21 व 22 दिसंबर 2016 को मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए आदेश दिया है। लेकिन तहसीलों में जब मछुआ समुदाय के लोग अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जाते हैं तो प्रमाण पत्र ही जारी नहीं किया जाता है। बैरंग लौटा दिया जाता है। चंदन साहनी ने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में मछुआ समुदाय तथा निषाद समुदाय के साथ अत्याचार किया जा रहा है। मामले का अविलंब निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने को जिलाध्यक्ष जोगेंद्र निषाद, लालबहादुर निषाद, जयनाथ निषाद, बनारसी निषाद, पांचू निषाद, राहुल निषाद, रामसुुखी निषाद, विश्राम निषाद, अमरजीत निषाद आदि ने संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए डॉ. आशा प्रसाद निषाद ने कहा कि हाईकोर्ट 21 व 22 दिसंबर 2016 को मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए आदेश दिया है। लेकिन तहसीलों में जब मछुआ समुदाय के लोग अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जाते हैं तो प्रमाण पत्र ही जारी नहीं किया जाता है। बैरंग लौटा दिया जाता है। चंदन साहनी ने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में मछुआ समुदाय तथा निषाद समुदाय के साथ अत्याचार किया जा रहा है। मामले का अविलंब निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने को जिलाध्यक्ष जोगेंद्र निषाद, लालबहादुर निषाद, जयनाथ निषाद, बनारसी निषाद, पांचू निषाद, राहुल निषाद, रामसुुखी निषाद, विश्राम निषाद, अमरजीत निषाद आदि ने संबोधित किया।
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