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दहेज उत्पीड़न में ससुराल वालों को सजा
Updated Tue, 17 Apr 2018 11:36 PM IST
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मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार सिंह ने परिवाद के एक मामले में सुनवाई के बाद दहेज उत्पीड़न में पति और चचेरी सास, ससुर को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को एक वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसांवा गांव निवासी धनीराम की लड़की सुमन की शादी गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के तीहा गांव निवासी रामप्रवेश के साथ 1994 में हुई थी। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये की मांग को लेकर सुमन को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे। साथ ही दहेज की मांग को लेकर सुमन को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इस मामले मे सुमन सहित कुल तीन गवाहों को न्यायालय में पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति राम प्रवेश, चचेरे ससुर विश्वंभर और सास कुसुम देवी को दहेज उत्पीड़न का दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार प्रत्येक को अर्थदंड की सजा सुनाया। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को एक-एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसांवा गांव निवासी धनीराम की लड़की सुमन की शादी गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के तीहा गांव निवासी रामप्रवेश के साथ 1994 में हुई थी। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये की मांग को लेकर सुमन को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे। साथ ही दहेज की मांग को लेकर सुमन को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इस मामले मे सुमन सहित कुल तीन गवाहों को न्यायालय में पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति राम प्रवेश, चचेरे ससुर विश्वंभर और सास कुसुम देवी को दहेज उत्पीड़न का दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार प्रत्येक को अर्थदंड की सजा सुनाया। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को एक-एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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