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बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:03 AM IST
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मऊ। ढाई करोड़ की लागत से बने नए भवन में जल्दी ही बाल संप्रेक्षण गृह शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने बुधवार को बाल संप्रेक्षण गृह मुंशीपुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पाया कि अत्यंत संकरे कमरों और संकीर्ण भवन में कैदियों को काफी मुश्किल से गुजारा करना पड़ता है। वहां पर विभिन्न धाराओं में 86 बाल कैदी निरुद्ध हैं। जिलाधिकारी ने वहॉ पर भोजन की गुणवत्ता ठीक रखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने बाल संप्रेक्षण गृह को नए भवन में जल्द स्थानान्तरित करने के निर्देश दिया। जिससे बच्चों को दी जाने वाली मूलभूत जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। जिलाधिकारी ने जिला प्रोवेशन अधिकारी से कहा कि इस बाल संरक्षण गृह में बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाय जिससे वे आगे चलकर मुख्य धारा में जुड़ सकें। इसके साथ ही शासन द्वारा दी जा रही सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश भी डीएम ने दिया। बता दें कि बाल संप्रेक्षण गृह की खबर को सात जुलाई के अंक में अमर उजाला ने काफी प्रमुखता से छापा था। इस नए भवन के लिए शासन ने ढाई करोड़ रुपये दिया था। इस रकम से बाल संप्रेक्षण गृह का भवन और अन्य कार्य लगभग पूरा हो गया है। लेकिन जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से मार्च 2017 में ही इस भवन की लागत सवार करोड़ रुपये आने का हवाला देते हुए और पौने दो करोड़ रुपये की मांग करते हुए शासन को पत्र लिखा गया था। इस पर डीएम ने समीक्षा के दौरान कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए फटकार लगाई थी। खबर छपने के बाद इस प्रकरण को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया था। मामूली कार्यों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए था। बुधवार को किराए पर चल रहे संप्रेक्षण गृह में बाल कैदियों की हालत देखते ही जिलाधिकारी द्रवित हो उठे। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द बाल संप्रेक्षण गृह को नये भवन में शिफट किए जाए। निरीक्षण के समय अतिरक्त मजिस्ट्रेट आईएएस कुमार हर्ष , जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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