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सुलह समझौता और जुर्म स्वीकृति के आधार पर होता है मुकदमों का निस्तारण- एडीजे
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:28 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो और नोडल अधिकारी लोक अदालत आदिल आफताब अहमद ने बताया कि दीवानी कचहरी में आठ सितंबर को वृहद लोक अदालत का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले की जनता अनेक प्रकार के ऐसे मुकदमों में संलिप्त है जिनका निस्तारण स्वयं पक्षकारों के मध्य सुलह समझौते के आधार पर अथवा मामूली अर्थदंड का भुगतान कर अनावश्यक मुकदमे से मुक्ति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि इसमें समस्त प्रकार के पारिवारिक विवादों से संबंधित मुकदमा, चेक बाउंस से संबंधित मुकदमे, मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अनेक प्रकार के चालान, मोटर दुर्घटना के फलस्वरुप क्षतिपूर्ति हेतु योजित मुकदमे, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत शमनीय मुकदमे, उत्तराधिकार प्रमाण पत्रों से संबंधित मुकदमे, मकान किरायेदारी से संबंधित मुकदमा, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत मुकदमे ,मनोरंजन कर अधिनियम , बाट माप, आबकारी अधिनियम, जुआ से संबंधित मामले, नगर पालिका के मुकदमों का निस्तारण किया जाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मुकदमा अंतिम रूप से निस्तारित माने जाते हैं। इसकी अपील आयोजित करने की संभावना नहीं रहती। इसमें दोनों पक्षों के मध्य निर्णय अंतिम हो जाता है। उन्होंने जनपद वासियों का आवाहन किया है कि विभिन्न प्रकार के मुकदमों में संलिप्त वादकारी आठ सितंबर को पूर्वाह्न दस बजे दीवानी कचहरी पहुंचकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से अथवा स्वयं अपने पहचान पत्रों के साथ संबंधित न्यायालय के कार्यालय में संपर्क कर अपने वाद का निस्तारण करा ले।
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उन्होंने कहा कि इसमें समस्त प्रकार के पारिवारिक विवादों से संबंधित मुकदमा, चेक बाउंस से संबंधित मुकदमे, मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अनेक प्रकार के चालान, मोटर दुर्घटना के फलस्वरुप क्षतिपूर्ति हेतु योजित मुकदमे, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत शमनीय मुकदमे, उत्तराधिकार प्रमाण पत्रों से संबंधित मुकदमे, मकान किरायेदारी से संबंधित मुकदमा, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत मुकदमे ,मनोरंजन कर अधिनियम , बाट माप, आबकारी अधिनियम, जुआ से संबंधित मामले, नगर पालिका के मुकदमों का निस्तारण किया जाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मुकदमा अंतिम रूप से निस्तारित माने जाते हैं। इसकी अपील आयोजित करने की संभावना नहीं रहती। इसमें दोनों पक्षों के मध्य निर्णय अंतिम हो जाता है। उन्होंने जनपद वासियों का आवाहन किया है कि विभिन्न प्रकार के मुकदमों में संलिप्त वादकारी आठ सितंबर को पूर्वाह्न दस बजे दीवानी कचहरी पहुंचकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से अथवा स्वयं अपने पहचान पत्रों के साथ संबंधित न्यायालय के कार्यालय में संपर्क कर अपने वाद का निस्तारण करा ले।
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