फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   छात्रों से अधिक दाम वसूल रहे रिटेलर

छात्रों से अधिक दाम वसूल रहे रिटेलर

Thu, 12 Apr 2018 11:36 PM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
छात्रों से अधिक दाम वसूल रहे रिटेलर
कोपागंज। सरकार की ओर से माध्यमिक स्कूलों में छात्रों को सस्ती किताबें उपलब्ध कराने की मंशा पर प्रशासनिक उदासीनता से पानी फिरता नजर आ रहा है। नए शिक्षा सत्र से यूपी बोर्ड से संबद्ध कालेजों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम आधारित लागू तो कर दिया गया है। लेकिन दुकानदार पुस्तक के साथ गाइड लेने को बाध्य कर रहे हैं। मना करने की स्थिति में छात्रों को बैरंग लौटा दे रहे हैं। हालत यह है कि हाई स्कूल, इंटर की किताबें जो 250 रुपया से लेकर 350 रूपये तक आती हैं। छात्रों को 1500 रूपये से लेकर 2000 रूपये में मिल रही है। शिकायत के बाद भी रिटेलरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन

यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक स्कूलों में नए शिक्षा सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है। किताबों के दाम भी विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।बाजार में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम आधारित किताबें बाजार में आ भी गई हैं, लेकिन दुकानदार पुस्तकों का मनमाना दाम वसूल रहे हैं। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकों के दाम पर नजर डाला जाए तो 12वीं की किताबों के दाम भौतिक विज्ञान प्रथम 66 रुपया, भौतिक विज्ञान द्वितीय 54 रुपये, रसायन विज्ञान प्रथम 66 रुपया रसायन विज्ञान द्वितीय 41 रुपया, गणित भाग एक 47 रुपया, गणित भाग दो 51 रुपया, जीव विज्ञान 66 रुपया सहित 350 रुपया का सेट आ रहा है। इसी तरह हाईस्कूल की किताबें गणित 60 रुपया, विज्ञान 57 रुपया, इतिहास 42 रुपया, भूगोल 17 रुपया, अर्थशास्त्र 11 रुपया सहित 250 रुपया में सभी किताबें आ जाएंगी। दुकानदारों की तरफ से मनमाने तरीके से पाठ्यपुस्तकों का दाम वसूलने से छात्रों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। छात्रों की शिकायत के बाद भी विभाग की तरफ से कार्रवाई करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।
विज्ञापन

दुकानदारों की मनमानी से परेशान हैं छात्र
मऊ। सरकारी रेट पर किताबों की उपलब्धता न होने से छात्र आंदोलित हैं। इस संबंध में कोपागंज कस्बा 12वीं के छात्र सौरभ यादव का कहना है कि सरकार की तरफ से निर्धारित किए गए रेट के हिसाब से किताबें नहीं मिल पा रही है। प्रत्येक किताब के साथ गाइड लेने को बाध्य किया जा रहा है। महंगी गाइड होने के चलते खरीदना संभव नहीं हो रहा है। बिन किताबों के ही स्कूल जाना पड़ रहा है।इसी क्रम में 12वीं के ही छात्र मृत्युंजय का कहना है कि प्रत्येक किताब के साथ गाइड लेने को बाध्य किया जा रहा है। मना करने पर रिटेलर मनमाना दाम वसूल रहे हैं। इसी तरह अविनाश, विनय सिंह का कहना है कि महंगी गाइड खरीदना मुश्किल हो रहा है। बिन किताबों के ही स्कूल जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जितनी किताब, उनकी गाइड दे रहे होलसेलर
कोपागंज। शासन की तरफ से माध्यमिक स्कूलों में एनसीईआरटी पैटर्न पर आधारित सस्ती किताबों के साथ महंगी गाइड बेचने वाले छोटे दुकानदारों का कहना है कि नई किताबें जल्दी मिल नहीं रही हैं। मिल रही हैं तो जितना किताब उतनी गाइड लेनी पड़ रही है। प्रिंट रेट पर किताबें मिलने के कारण उसका ट्रांसपोर्ट का खर्चा निकलने के लिए गाइड के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज पर किताब बेचना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि छात्रों को गाइड खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। प्रिंट रेट से अधिक दाम वसूलने तथा किताबों के साथ गाइड देने के लिए बाध्य करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed