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अमन ,भाईचारे का मजहब है इस्लाम
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:36 PM IST
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सिपाह इब्राहिमाबाद। कस्बे के बीबीपुर गांव में शनिवार की रात एक अजीमुश्शान जलसे का आयोजन हुआ। जिसमें उलेमाओं ने अपनी तकरीरों से अमन, भाईचारे और शांति का पैगाम दिया। मुख्य वक्ता के रूप में पधारे मुफ़्ती मौलाना आले रसूल ने अपनी तकरीर में कहा कि पूरे दुनिया को इस्लाम ने अमन, भाईचारे व शांति का पैगाम दिया और देता रहेगा।
मुख्य वक्ता ने कहा कि कुरान शरीफ में साफ लिखा है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो तुम्हारा खाना हराम है। आज जो मुसलमान परेशान हाल हैं उनकी परेशानियों का कारण इस्लाम, रसूल के बताए गए रास्तों से भटकना है। मौलाना जमाल मुस्तफा कादरी ने मुसलमानों से नमाज की पाबंदी बनाने की अपील करते हुए कहा कि नमाज इस्लाम की बुनियाद है लेकिन आज का नौजवान इस बुनियाद को नहीं समझ पा रहा। इस बुनियाद को मजबूत करने की सख्त जरूरत है। जलसे की शुरुआत हाफिज हैदर अली ने कुराने पाक की तिलावत से की जबकि गुलाम रसूल व अहमद रजा ने अपनी दिलकश आवाजों में नात पेश कर महफ़िल में चार चांद लगाया। जलसे में मो. इजहार, अब्दुल हाफिज, असरार अहमद, रिजवान अहमद, फैसल अंसारी, मो. अकरम, फरीद सलमानी आदि मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता ने कहा कि कुरान शरीफ में साफ लिखा है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो तुम्हारा खाना हराम है। आज जो मुसलमान परेशान हाल हैं उनकी परेशानियों का कारण इस्लाम, रसूल के बताए गए रास्तों से भटकना है। मौलाना जमाल मुस्तफा कादरी ने मुसलमानों से नमाज की पाबंदी बनाने की अपील करते हुए कहा कि नमाज इस्लाम की बुनियाद है लेकिन आज का नौजवान इस बुनियाद को नहीं समझ पा रहा। इस बुनियाद को मजबूत करने की सख्त जरूरत है। जलसे की शुरुआत हाफिज हैदर अली ने कुराने पाक की तिलावत से की जबकि गुलाम रसूल व अहमद रजा ने अपनी दिलकश आवाजों में नात पेश कर महफ़िल में चार चांद लगाया। जलसे में मो. इजहार, अब्दुल हाफिज, असरार अहमद, रिजवान अहमद, फैसल अंसारी, मो. अकरम, फरीद सलमानी आदि मौजूद रहे।
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