{"_id":"5a2c258e4f1c1bc9678c0de9","slug":"111512842638-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गया जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गया जेल
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोपागंज। स्थानीय पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना देवेंद्र का चालान शनिवार को अदालत में कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सरगना इसी थाने के ढेकवारा गांव का निवासी है। पुलिस सरगना के फरार साथी की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार वह गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सनेहुआ गांव का निवासी मनोज है।
इन पर आरोप है कि चोरपा कला गांव निवासी दिनेश प्रसाद , मधुबन थाने के छतहरा कौशल कुमार , मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के सियाबस्ती के दिनेश राजभर , बलिया जिले के कीड़िहरापुर थाने के मसूरिया गांव के श्रवण कुमार ,सरायलंखसी के गरथौली के संजीव कुमार कोपागंज थाने के पारा मुबारकपुर गांव के जयहिंद , कोपागंज कसबे के चंदनपुरा के मनोज कुमार सहित कई युवाओं से डेढ़ डेढ़ लाख रुपये लेकर कालेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य तथा जिला विद्यालय निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर तथा मुहर लगाकर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र बनाकर थमा दिया था। इस संबंध में जानकारों का कहना है कि यदि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। इसमें विद्यालयों और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के के लिपिकों का हाथ हो सकता है। इस बाबात सीओ घोसी अरशद जमाल सिद्घकी का कहना है कि जांच की जा रही है। जल्दी ही पुलिस इस गिरोह के सभी लोगों को गिरफ्तार कर लेगी।
विज्ञापन
इन पर आरोप है कि चोरपा कला गांव निवासी दिनेश प्रसाद , मधुबन थाने के छतहरा कौशल कुमार , मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के सियाबस्ती के दिनेश राजभर , बलिया जिले के कीड़िहरापुर थाने के मसूरिया गांव के श्रवण कुमार ,सरायलंखसी के गरथौली के संजीव कुमार कोपागंज थाने के पारा मुबारकपुर गांव के जयहिंद , कोपागंज कसबे के चंदनपुरा के मनोज कुमार सहित कई युवाओं से डेढ़ डेढ़ लाख रुपये लेकर कालेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य तथा जिला विद्यालय निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर तथा मुहर लगाकर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र बनाकर थमा दिया था। इस संबंध में जानकारों का कहना है कि यदि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। इसमें विद्यालयों और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के के लिपिकों का हाथ हो सकता है। इस बाबात सीओ घोसी अरशद जमाल सिद्घकी का कहना है कि जांच की जा रही है। जल्दी ही पुलिस इस गिरोह के सभी लोगों को गिरफ्तार कर लेगी।
विज्ञापन