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लेखपालों की हड़ताल से 11 हजार आवेदन लटके

Sat, 03 Sep 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Sat, 03 Sep 2016 11:09 PM IST
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11 thousand applications pending strike Lekpalon
लेखपालों ने दिया धरना
 तहसील में लेखपालों की हड़ताल के चलते जाति आय व निवास प्रमाण पत्रों  के जारी नहीं होने से आम लोग, छात्र और नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को  काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग आए दिन तहसील और लेखपाल का  चक्कर काटने को मजबूर हैं। लगभग दो सप्ताह से चल रहे हड़ताल की वजह से लगभग 11 हजार से ज्यादा आवेदन आज भी लेखपालों के खाते में सत्यापन के  अभाव में पेंडिंग में पड़े हैं। जिसमें हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। बहुत से लोग खतौनी आदि लेने के लिए तहसील का चक्कर लगा रहे हैंेे।
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तहसील मधुबन में वेतन विसंगति शासन द्वारा लैपटाप  देने समेत छह  सूत्रीय मांग को  लेकर लेखपाल संघ पिछले 23 अगस्त से कलम बन्द हड़ताल पर  है। जिससे  तहसील की पूरी व्यवस्था चरमरा गयी है। नियम के मुताबिक किसी भी  प्रमाणपत्र बनवाने के लिये आवेदन करने के बाद आवेदन पर लेखपालों के  वेरिफिकेशन के बाद ही वह आवेदन कानूनगो से होते हुए तहसीलदार और एसडीएम  कार्यालय के पास जारी करने के लिये जाता है।
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जाति और आय प्रमाण पत्र  तहसीलदार तथा निवास प्रमाण पत्र उप जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी होता  है। लेकिन लेखपालों के हड़ताल पर चले जाने से पूरी प्रक्रिया ही ध्वस्त हो  गयी है। एक रिकार्ड के मुताबिक 3459 आवेदन जाति प्रमाण पत्र के तो 4390  आवेदन आय प्रमाण पत्र और 3526 निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन आज भी पेंडिंग  में चल रहा है। जिसमें स्कूली बच्चों के छात्रवृति समेत अन्य नियुक्तिआदि  में आवेदनों के लिये ज्यादातर फार्म जमा है।
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यही नहीं लेखपालों की हड़ताल से खतौनी नहीं मिलने से सरकार को भी प्रतिदिन  लाखों रुपये का चुना लग रहा है।खतौनी के अभाव में जमीन की रजिस्ट्री आदि का  कार्य भी प्रभावित है। इसके अलावा खेतों की पैमाइश खसरा आदि की नकल भी लोगों  को  नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष जितेंद्रधर  द्विवेदी ने कहा कि हमारी मांग शासन में रखी गयी है, लेकिन अभी तक कोई  सुनवाई नहीं हो रही है। जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी।  तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता का कहना है कि हमने बच्चों के भविष्य को देखते हुए लेखपालो से सिफारिश की थी  लेकिन उनकी मांग शासन स्तर की है। हमारे यहां एक भी आवेदन पेंडिंग नहीं  है। जैसे ही लेखपाल आगे बढ़ायेंगे तहसील से तुरंत प्रमाण पत्र जारी कर दिया  जायेगा।

 
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