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शिक्षा सत्र का 103 दिन बीता, बच्चों में नहीं वितरित हो सकी पाठ्यपुस्तकें

Tue, 13 Jul 2021 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:51 PM IST
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103 days of education session passed, textbooks could not be distributed among children
मऊ। शिक्षा सत्र शुरू हुए 103 दिन बीत गया, लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं किया जा सका है। निदेशालय से अभी तक 15 प्रतिशत ही पाठ्यपुस्तकें आ सकी है। सत्यापन होने के बाद वितरण शुरू होगा। ऐसे में बच्चे बिन किताब के ही पढ़ाई करने को विवश हैं।परेशान अभिभावक विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों से पाठ्यपुस्तकों की मांग करते देखे गए। उनके उग्र तेवर देख शिक्षकों के पसीने छूट रहे हैं।
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जिले के 1060 प्राथमिक विद्यालयों तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद चल रहे हैं। आनलाइन पढ़ाई चल रही है। लगभग 50 प्रतिशत ही बच्चे आनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं।शिक्षा सत्र का 103 दिन बीत गया, लेकिन शासन की तरफ से बच्चों को मिलने वाली नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है।
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निदेशालय से लगभग 15 प्रतिशत ही पाठ्यपुस्तकें आ पाई है। विभाग से 11 लाख नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें आनी है। अभी तक कक्षा छह की लगभग 57 हजार, कक्षा तीन की लगभग 27 हजार तथा कक्षा एक की लगभग 11 हजार पुस्तकें ही आ सकी है। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से पाठ्यपुस्तकों का क्रयादेश काफी देर से मांगा गया। इसके चलते समस्या आ रही है।
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सत्यापन होने के बाद भी पुस्तक वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन की तरफ से एक जुुलाई से विद्यालय खोल दिया गया है, लेकिन बच्चों को पाठ्यपुस्तक न मिलने से परेेशान अभिभावक विद्यालय पहुंचकर बच्चों के लिए पाठ्यपुस्तक की मांग कर रहेहैं। अभिभावकों का कहना था कि सरकार की तरफ से शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। किताब न मिल पाने से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बृजबिहारी पांडेय का कहना है कि नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की खेप लगातार आ रही है। सत्यापन प्रक्रिया के बाद वितरण शुुरू कर दिया जाएगा।
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