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सत्यापन रिपोर्ट में परिषदीय विद्यालयों में मिला आधा अधूरा कार्य
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मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों को संवारने के लिए कायाकल्प योजना के तहत पंचायती राज विभाग की तरफ से ग्राम सभाओं को लाखों रुपये का बजट जारी किया। इसके तहत 357 परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया। ग्रामसभाओं की तरफ से तरह-तरह के कार्य कराया गया। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से कराए गए सत्यापन में 15 विद्यालयों में आधा अधूरा ही कार्य कराया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला पंचायतराज अधिकारी को रिपोर्ट भेजी है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अधिकांश विद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। निजी विद्यालयों की तर्ज पर शासन के निर्देश पर सरकारी विद्यालयों को सजाने संवारने के लिए कायाकल्प योजना शुरू की। इसके तहत पंचायतीराज विभाग की तरफ से जिले के 357 परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया। योजना के तहत विद्यालयों में शौचालय, बाउंड्री, पेयजल, इंटरलाकिंग आदि कार्यों को कराने का बजट भी जारी कर दिया।
ग्राम सभाओं की तरफ से कार्य तो कराया गया है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से कराए गए सत्यापन में परिषदीय विद्यालयों में आधा अधूरा ही कार्य कराकर छोड़ दिया गया है। सत्यापन में फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के हरियांव, भटिया माफी, हसनपुर, काठतरांव, सरायमेवागिरी, रतनपुरा, दतौड़ा, पीपीसाथ, रजडीहा, रतोही, साहूपुर सहित 15 परिषदीय विद्यालय शामिल हैं। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा संबंधित ग्राम प्रधानों को अवगत कराया गया, लेकिन मामले को टालने से काम अधूरा पड़ा है। वहीं नोडल अधिकारी जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि कायाकल्प योजना के तहत 357 परिषदीय विद्यालयों में ग्राम सभाओं की तरफ से कार्य कराया गया है। 277 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट में 15 विद्यालयों में अधूरा कार्य कराया जाना मिला है।
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सत्यापन रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अधिकांश विद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। निजी विद्यालयों की तर्ज पर शासन के निर्देश पर सरकारी विद्यालयों को सजाने संवारने के लिए कायाकल्प योजना शुरू की। इसके तहत पंचायतीराज विभाग की तरफ से जिले के 357 परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया। योजना के तहत विद्यालयों में शौचालय, बाउंड्री, पेयजल, इंटरलाकिंग आदि कार्यों को कराने का बजट भी जारी कर दिया।
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ग्राम सभाओं की तरफ से कार्य तो कराया गया है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से कराए गए सत्यापन में परिषदीय विद्यालयों में आधा अधूरा ही कार्य कराकर छोड़ दिया गया है। सत्यापन में फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के हरियांव, भटिया माफी, हसनपुर, काठतरांव, सरायमेवागिरी, रतनपुरा, दतौड़ा, पीपीसाथ, रजडीहा, रतोही, साहूपुर सहित 15 परिषदीय विद्यालय शामिल हैं। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा संबंधित ग्राम प्रधानों को अवगत कराया गया, लेकिन मामले को टालने से काम अधूरा पड़ा है। वहीं नोडल अधिकारी जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि कायाकल्प योजना के तहत 357 परिषदीय विद्यालयों में ग्राम सभाओं की तरफ से कार्य कराया गया है। 277 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट में 15 विद्यालयों में अधूरा कार्य कराया जाना मिला है।
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सत्यापन रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी