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नदी में उफान आने से तटवर्ती इलाकों के लोगों में बढ़ी बेचैनी
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:44 PM IST
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दोहरीघाट। घाघरा में उफान आने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। नदी के उग्र रुप से ऐतिहासिक धरोहरों तथा तटवर्ती इलाकों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नदी प्रति एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है।
नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 68.67 मीटर रहा। जबकि शनिवार को68.90 मीटर तक पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 23 सेमी बढ़ गया। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। नदी के सामान्य हो जाने के बाद लोग राहत महससू कर रहे थे। लेकिन नदी में फिर उफान आने के बाद कटान की चिंता लोगों को सताने लगी है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला और मुक्तिधाम पर संकट के बादल मंडराने लगा है।
वहीं तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं। घाघरा की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है। लोगों ने बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान कराए जाने की मांग की है।
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नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 68.67 मीटर रहा। जबकि शनिवार को68.90 मीटर तक पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 23 सेमी बढ़ गया। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। नदी के सामान्य हो जाने के बाद लोग राहत महससू कर रहे थे। लेकिन नदी में फिर उफान आने के बाद कटान की चिंता लोगों को सताने लगी है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला और मुक्तिधाम पर संकट के बादल मंडराने लगा है।
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वहीं तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं। घाघरा की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है। लोगों ने बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान कराए जाने की मांग की है।
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