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दलितों को व्यवसाय से जोड़ा जाएगा
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:04 AM IST
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मऊ। नगर के पीडब्लूडी डाक बंगले में रविवार को अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि दलितों की बदहाली को दूर करने के लिए उन्हें व्यवसाय से जोड़ा जाएगा।
कहा कि मात्र आरक्षण से इन वर्गों की स्थिति में बदलाव संभव नहीं है। क्योंकि देश में सरकारी नौकरियों की संख्या दो करोड़ के आसपास हैं और इनमें आरक्षित वर्ग के नौकरियों की संख्या 44 लाख बनती है। जबकि दलितों की आबादी लगभग 25 करोड़ के आसपास है। ऐसे में आवश्यक है कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को व्यवसाय सेे जोड़ा जाए। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के माध्यम से इन वर्गों के आर्थिक विकास के लिए पशु पालन, डेरी उद्योग, मधु मक्खी पालन, टी स्टॉल, रेडिमेड गारमेंट आदि व्यवस्थाओं के लिए उन्हें अनुदान एवं ऋण प्रदान कर उन्हें सशक्त किया जाएगा। डॉ. निर्मल ने बताया कि लांड्री एवं ड्राइक्लीनिंग योजना नगरी क्षेत्र, दुकान निर्माण योजना के तहत भी इनका सशक्तिकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाथ में मैला उठाने की प्रथा पर पूर्ण विराम लगाने के कानून के बावजूद प्रदेश के कतिपय जनपदों में हाथ में मैला उठाने के कार्य क सूचनाएं प्राप्त होने के कारण इस पेशे में लगे लोगों के चिह्नित करने का कार्य किया जा रहा है। जो 30 अप्रैल तक पूर्ण हो जाएगा। इस पेशे को पूर्ण विराम लगाने के लिए इनमें जुड़े लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने दलितों से अनुरोध किया कि वे स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत दस लाख से एक करोड़ तक के ऋण की योजना का लाभ उठाएं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, डॉ. रामविलास भारती सहित अन्य मौजूद रहे।
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कहा कि मात्र आरक्षण से इन वर्गों की स्थिति में बदलाव संभव नहीं है। क्योंकि देश में सरकारी नौकरियों की संख्या दो करोड़ के आसपास हैं और इनमें आरक्षित वर्ग के नौकरियों की संख्या 44 लाख बनती है। जबकि दलितों की आबादी लगभग 25 करोड़ के आसपास है। ऐसे में आवश्यक है कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को व्यवसाय सेे जोड़ा जाए। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के माध्यम से इन वर्गों के आर्थिक विकास के लिए पशु पालन, डेरी उद्योग, मधु मक्खी पालन, टी स्टॉल, रेडिमेड गारमेंट आदि व्यवस्थाओं के लिए उन्हें अनुदान एवं ऋण प्रदान कर उन्हें सशक्त किया जाएगा। डॉ. निर्मल ने बताया कि लांड्री एवं ड्राइक्लीनिंग योजना नगरी क्षेत्र, दुकान निर्माण योजना के तहत भी इनका सशक्तिकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाथ में मैला उठाने की प्रथा पर पूर्ण विराम लगाने के कानून के बावजूद प्रदेश के कतिपय जनपदों में हाथ में मैला उठाने के कार्य क सूचनाएं प्राप्त होने के कारण इस पेशे में लगे लोगों के चिह्नित करने का कार्य किया जा रहा है। जो 30 अप्रैल तक पूर्ण हो जाएगा। इस पेशे को पूर्ण विराम लगाने के लिए इनमें जुड़े लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने दलितों से अनुरोध किया कि वे स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत दस लाख से एक करोड़ तक के ऋण की योजना का लाभ उठाएं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, डॉ. रामविलास भारती सहित अन्य मौजूद रहे।
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