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निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने भरी हुंकार
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:32 PM IST
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मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समित की बैठक सोमवार को नगर क्षेत्र के हाईडिल कालोनी में स्थित मंदिर पर हुई। बैठक में वक्ताओं ने सरकार द्वारा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध किया। कर्मचारियों ने निजीकरण को बिजली विभाग के लिए घाटे का सौदा बताया।
बैठक को संबोधित करते हुए सूर्यदेव पांडेंय ने कहा कि वर्तमान की प्रदेश सरकार पूंजीपतियों को अप्रत्यक्ष लाभ देने के लिए विद्युत उद्योग के साथ कुठाराघात कर रही है। सरकार के इस कदम को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईं. अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आगरा में निजीकरण के बाद महालेखाकार की रिपोर्ट में दो वर्षों में 498 करोड़ का घाटा बताया गया है, लेकिन सरकार पुन: उसी कंपनी को दोबारा पांच महत्वपूर्ण नगरों को निजीकरण करने के लिए दे रही है। बैठक को ईं. सुशील कुमार ने भी संबोधित किया। बेठक के बाद कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सरकार को चेतावनी दिया कि यदि सरकार अतिशीघ्र अपना आदेश वापस नहीं लेती है तो आगामी 27 मार्च को एकदिवसीय कार्य बाहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर ईं रवि प्रताप, ई. अमित गुप्ता, ईं. पवन कुमार तिवारी, ईं. एमके आर्या, ईं. अरविंद यादव, ईं. आरके रावत, ईं. सुशील कुमार, मिथिलेश यादव, रघुनंदन यादव आदि रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए सूर्यदेव पांडेंय ने कहा कि वर्तमान की प्रदेश सरकार पूंजीपतियों को अप्रत्यक्ष लाभ देने के लिए विद्युत उद्योग के साथ कुठाराघात कर रही है। सरकार के इस कदम को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईं. अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आगरा में निजीकरण के बाद महालेखाकार की रिपोर्ट में दो वर्षों में 498 करोड़ का घाटा बताया गया है, लेकिन सरकार पुन: उसी कंपनी को दोबारा पांच महत्वपूर्ण नगरों को निजीकरण करने के लिए दे रही है। बैठक को ईं. सुशील कुमार ने भी संबोधित किया। बेठक के बाद कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सरकार को चेतावनी दिया कि यदि सरकार अतिशीघ्र अपना आदेश वापस नहीं लेती है तो आगामी 27 मार्च को एकदिवसीय कार्य बाहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर ईं रवि प्रताप, ई. अमित गुप्ता, ईं. पवन कुमार तिवारी, ईं. एमके आर्या, ईं. अरविंद यादव, ईं. आरके रावत, ईं. सुशील कुमार, मिथिलेश यादव, रघुनंदन यादव आदि रहे।
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