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विकास करने वाले प्रत्याशी को ही दिया जाएगा वोट
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:38 PM IST
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मधुबन। शहीदों की शहादत के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले कस्बा मधुबन को पहली बार नगर पंचायत अध्यक्ष की ताजपोशी करने का मौका मिलेगा।जिसमे मतदाता बड़े ही चालाकी से सारे दलों और निर्दल प्रत्याशी के विचारों को सुनने के बाद ही अपने बहुमूल्य वोट को मतपेटी में डालेंगे।पहली बार अस्तित्व में आई नगर पंचायत मधुबन में विकास के लिए दर्जनों बार लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा है।हालांकि वर्तमान समय मे कुछ विकास जरूर दिखाई देता है लेकिन जो अपेक्षित विकास है उसका असर कोसों दूर तक नही दिखाई देता है।जीर्ण शीर्ण बजबजाती नालियां, गलियों में सड़क पर बहता पानी,स्ट्रीट लाइट,मच्छरों के बेहद प्रकोप,शुद्ध पेयजल,स्वास्थ्य सुविधा आदि ऐसी बुनियादी सुविधाएं है जो मुंह बाए आज भी खड़ी है।
नगर पंचायत मधुबन सुल्तानपुर बारहगांवा नाम से जाना जाता था।ग्रामसभा में आए धन से ही लंबे चौड़े क्षेत्र का विकास करना था।अब इसमें ग्रामसभा उफरौली,जमीन मनौली,ककराडीह संपूर्ण आदि गांव शामिल किए गए है। कस्बे में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जहां दुर्गंध उठने से लोगों को नाक मुंह बंद कर आना जाना पड़ रहा है। गांव तो दूर कस्बे में आज तक एक भी स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी है।छह माह से टाउन एरिया होने के बाद भी विकास कार्य न के बराबर है।
नगर पंचायत में पिपरा गांव निवासी सरफराज ने कहा कि मधुबन कस्बा अंग्रेजों के जमाने का है।लेकिन इसका विकास वर्तमान समय में भी कम है। नौशाद अहमद ने कहा कि जिला पंचायत,क्षेत्र पंचायत से लेकर ग्राम पंचायतों का पैसा कस्बे और गांवो में लगता है लेकिन नगर सहित गांवो की हालत बेहद खराब है।
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शिशिर वर्मा ने कहा कि जल निकासी की समस्या आज तक दूर नहीं हो सकी।लोगों को बजबजाती नालियों और मच्छरों से निजात दिलाने वाले को ही वोट किया जाएगा।
विश्वास गुप्ता ने कहा कि नगर के गंदे पानी की निकासी के साथ सीवरों में जाम पानी को नाली बनाकर निकालने और उसे दीर्घकालिक व्यवस्था करने वाले को ही वोट दिया जाएगा।रवि महाजन ने कहा कि किसी भी कस्बे की पहचान उसकी साफ सफाई और सुंदरता होती है।जिससे उस कस्बे का नाम गर्व से लिया जाता है।साफ़ सफ़ाई और सड़कों की जर्जर हालत ठीक कराने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जाएगा।जिससे इस शहीदों की धरती का भी नाम पूरे प्रदेश में गर्व से लिया जा सके।हिमांशु गुप्ता ने कहा कि कस्बे के नगरी क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था कुछ संतोष जनक है।जबकि गांवों में जर्जर तारो के होने से आए दिन टूटने से बिजली बाधित रहती है।नगर में इ न समस्याओं की तरफ जिस प्रत्याशी का ध्यान रहेगा उसी को वोट किया जाएगा।अब दुर्दशा से मुक्ति मिलनी ही चाहिए।
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नगर पंचायत मधुबन सुल्तानपुर बारहगांवा नाम से जाना जाता था।ग्रामसभा में आए धन से ही लंबे चौड़े क्षेत्र का विकास करना था।अब इसमें ग्रामसभा उफरौली,जमीन मनौली,ककराडीह संपूर्ण आदि गांव शामिल किए गए है। कस्बे में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जहां दुर्गंध उठने से लोगों को नाक मुंह बंद कर आना जाना पड़ रहा है। गांव तो दूर कस्बे में आज तक एक भी स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी है।छह माह से टाउन एरिया होने के बाद भी विकास कार्य न के बराबर है।
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नगर पंचायत में पिपरा गांव निवासी सरफराज ने कहा कि मधुबन कस्बा अंग्रेजों के जमाने का है।लेकिन इसका विकास वर्तमान समय में भी कम है। नौशाद अहमद ने कहा कि जिला पंचायत,क्षेत्र पंचायत से लेकर ग्राम पंचायतों का पैसा कस्बे और गांवो में लगता है लेकिन नगर सहित गांवो की हालत बेहद खराब है।
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शिशिर वर्मा ने कहा कि जल निकासी की समस्या आज तक दूर नहीं हो सकी।लोगों को बजबजाती नालियों और मच्छरों से निजात दिलाने वाले को ही वोट किया जाएगा।
विश्वास गुप्ता ने कहा कि नगर के गंदे पानी की निकासी के साथ सीवरों में जाम पानी को नाली बनाकर निकालने और उसे दीर्घकालिक व्यवस्था करने वाले को ही वोट दिया जाएगा।रवि महाजन ने कहा कि किसी भी कस्बे की पहचान उसकी साफ सफाई और सुंदरता होती है।जिससे उस कस्बे का नाम गर्व से लिया जाता है।साफ़ सफ़ाई और सड़कों की जर्जर हालत ठीक कराने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जाएगा।जिससे इस शहीदों की धरती का भी नाम पूरे प्रदेश में गर्व से लिया जा सके।हिमांशु गुप्ता ने कहा कि कस्बे के नगरी क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था कुछ संतोष जनक है।जबकि गांवों में जर्जर तारो के होने से आए दिन टूटने से बिजली बाधित रहती है।नगर में इ न समस्याओं की तरफ जिस प्रत्याशी का ध्यान रहेगा उसी को वोट किया जाएगा।अब दुर्दशा से मुक्ति मिलनी ही चाहिए।