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‘पारिवारिक तिरस्कार का दंश झेल रही महिलाएं’
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:15 PM IST
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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या सुषमा साहू ने गुरुवार को भी वृंदावन के विधवा और आश्रय सदनों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वह ज्ञान गुदड़ी पागल बाबा स्थित मीरा सहभागिनी पहुंची। यहां उन्होंने वृद्ध महिलाओं से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वृंदावन दौरे की विस्तृत रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भी भेजा जाएगा।
मीरा सहभागिनी आश्रम सदन में कई महिलाओं ने केंद्र सरकार से मिलने वाली वृद्ध एवं विधवा पेंशन समय से न मिलने की बात कही। महिलाओं का कहना है कि स्वयंसेवी संस्थान से मिल रही मदद से ही उनका जीवन यापन संभव हो पा रहा है।
महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि दो दिवसीय दौरे में बेसहारा महिलाओं की कई परेशानियां सामने आईं। मुख्यत: पारिवारिक तिरस्कार के बाद अपना घर छोड़ कर आई महिलाएं आश्रम सदनों में रहने को मजबूर हैं। इन महिलाओं में पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, उड़ीसा राज्यों से अधिक संख्या में महिलाएं पारिवारिक तिरस्कार का दंश झेल रही हैं। इस अवसर पर कनक धारा फाउंडेशन की संस्थापिका डा. लक्ष्मी गौतम, बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
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मीरा सहभागिनी आश्रम सदन में कई महिलाओं ने केंद्र सरकार से मिलने वाली वृद्ध एवं विधवा पेंशन समय से न मिलने की बात कही। महिलाओं का कहना है कि स्वयंसेवी संस्थान से मिल रही मदद से ही उनका जीवन यापन संभव हो पा रहा है।
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महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि दो दिवसीय दौरे में बेसहारा महिलाओं की कई परेशानियां सामने आईं। मुख्यत: पारिवारिक तिरस्कार के बाद अपना घर छोड़ कर आई महिलाएं आश्रम सदनों में रहने को मजबूर हैं। इन महिलाओं में पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, उड़ीसा राज्यों से अधिक संख्या में महिलाएं पारिवारिक तिरस्कार का दंश झेल रही हैं। इस अवसर पर कनक धारा फाउंडेशन की संस्थापिका डा. लक्ष्मी गौतम, बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
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