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UP: चौड़े रास्ते...कदंब तो कहीं करील के पौधे, द्वापरयुग की लता-पताओं से अद्भुत दिखेगा बांकेबिहारी कॉरिडोर
Fri, 16 May 2025 01:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 16 May 2025 01:20 PM IST
सार
बांकेबिहारी कॉरिडोर को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। इसे भव्य रूप से निखारा जाएगा। द्वापरयुग की लता-पताओं से यहां का दृश्य अद्भुत होगा। जानें क्या होगा और खास...
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बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर (प्रस्तावित)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अयोध्या-काशी की तर्ज पर कान्हा की नगरी में कॉरिडोर बनने का रास्ता साफ हो गया है। कॉरिडोर में लता-पताएं द्वापरयुग का अहसास कराएंगी। कृष्णकालीन पौधे कॉरिडोर की भव्यता में चार चांद लगाएंगे। कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण की तैयारी करेगा।
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कॉरिडोर की भव्यता ऐसी होगी कि बिहारीजी के भक्त अपलक निहारते रह जाएंगे। कॉरिडोर में ज्यों-ज्यों भक्त मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते जाएंगे, उनकी बिहारीजी से मिलन की जिज्ञासा और बढ़ती जाएगी। यहां सुविधाएं भी बेहतर होंगी। कदंब तो कहीं करील के पौधे कॉरिडोर की खूबसूरती को और चार चांद लगाएंगे।
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कॉरिडोर प्रांगण में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी से पहले राधागोपाल, राधाबिहारी और केशव-जू सहित गौड़िया मठ का अद्भुत आकर्षण भक्तों के लिए मनोहारी छटा बिखेरने वाला होगा। इतना ही नहीं, प्रस्तावित कॉरिडोर में भक्तों के बैठने के लिए विशाल प्रतीक्षालय, सामान व जूता घर के साथ पेयजल और चिकित्सा सेवा सहित शिशु देखभाल की व्यवस्था का भी प्रावधान है।
वर्तमान में वृंदावन में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के वक्त भक्तों को जिन कष्टों का सामना करना पड़ रहा है, कॉरिडोर बनने के बाद इससे निजात मिलेगी। इससे श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र की संपूर्ण आभा ही बदल देगा। पांच एकड़ में प्रस्तावित किए गए कॉरिडोर के प्लान में भक्तों की सुविधाओं का हर दृष्टि से ख्याल रखा गया है।
वर्तमान संकरी गलियों के स्थान पर तीन ओर से चौड़े रास्ते भक्तों को मंदिर तक पहुंचाएंगे। ये तीनों ही रास्ते कॉरिडोर से जुड़े गए हैं। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित संपूर्ण कॉरिडोर को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसमें एक हिस्सा मंदिर का है तो बाकी दो हिस्सा कॉरिडोर में भक्तों की सुख सुविधाओं से जुड़े हैं।
पांच एकड़ में प्रस्तावित है कॉरिडोर
पांच एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित बिहारीजी कॉरिडोर के साथ ही इस दायरे के अत्यंत निकट स्थापित प्राचीन मंदिर श्रीमदन मोहन और श्री राधावल्लभ भी ठा. श्रीबांकेबिहारी जी के भक्तों के निकट आ जाएंगे। भव्य कॉरिडोर के दोनों किनारे यह विशाल मंदिर भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जहां वर्तमान में बहुत कम श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह दोनों ही मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित हैं।
पांच एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित बिहारीजी कॉरिडोर के साथ ही इस दायरे के अत्यंत निकट स्थापित प्राचीन मंदिर श्रीमदन मोहन और श्री राधावल्लभ भी ठा. श्रीबांकेबिहारी जी के भक्तों के निकट आ जाएंगे। भव्य कॉरिडोर के दोनों किनारे यह विशाल मंदिर भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जहां वर्तमान में बहुत कम श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह दोनों ही मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित हैं।