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वृंदावन के गूगल गुरु को भोपाल में मिला सम्मान, पहचान कर बनाई पहचान
Wed, 27 Mar 2019 02:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 27 Mar 2019 02:17 AM IST
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गुरु उपाध्याय
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गूगल गुरु के नाम से विख्यात इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर गुरु उपाध्याय को पांच देशों ने मिलकर भोपाल में सम्मानित किया। ढाई वर्ष के गुरु
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उपाध्याय को उन 100 रिकॉर्ड होल्डरों के साथ सम्मान पाने का मौका मिला जिनका चयन 13 हजार से अधिक रिकॉर्ड धारकों में से किया गया था।
15 मार्च को भोपाल के मेडिकल कॉलेज में आयोजित समारोह में भारत, इंडोनेशिया, वियतनाम, नेपाल व बांग्लादेश के बुक ऑफ रिकॉर्ड के तहत इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के चीफ एडिटर विश्वरूप राय चौधरी ने उन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले सभी 100 रिकॉर्ड होल्डरों में से गुरु सबसे कम उम्र के प्रतिभागी रहे।
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बता दें कि 14 जुलाई 2016 को वृंदावन में जन्मे अरविंद कुमार उपाध्याय व प्रिया गोस्वामी के पुत्र गुरु उपाध्याय ने दिसंबर 2018 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था, उन्हें विभिन्न देशों के झंडे, राजधानियां, नक्शे पर राज्य व देश के अलावा विभिन्न परीक्षा संबंधी सवालों का बखूबी जवाब देकर अपनी पहचान बनाई थी।
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इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्लोबल रिकॉर्ड एंड रिसर्च फाउंडेशन के तहत भी चिल्ड्रन वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसमें उन्होंने एक मिनट में 45 देशों की राजधानी व 17 देशों के झंडे पहचानकर सभी को आश्चर्यचकित किया था।