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Mathura News: बांकेबिहारी मंदिर अधिग्रहण के खिलाफ तीर्थ पुरोहित महासभा ने खोला मोर्चा
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बिहारी जी मंदिर पर प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध जताते हुए
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए प्रस्तावित न्यास और कॉरिडोर निर्माण योजना के खिलाफ अब विरोध और तेज हो गया है। बुधवार को अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने खुलकर सेवायत गोस्वामी समाज का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
महासभा के संरक्षक महेश पाठक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बांकेबिहारी मंदिर पहुंचा और सेवायतों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव समर्थन का भरोसा दिया। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महेश पाठक ने कहा कि मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण हमारी सनातन परंपरा, संस्कृति और आस्था पर सीधा हमला है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मंदिर न्यास को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं बदला तो यह विरोध राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। महासभा ने स्पष्ट किया कि बांकेबिहारी मंदिर का संचालन वर्षों से गोस्वामी सेवायत परंपरा के अनुसार हो रहा है। ऐसे में सरकारी हस्तक्षेप न सिर्फ अनुचित है, बल्कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो देशभर के तीर्थ पुरोहित वृंदावन से लेकर वाराणसी और उज्जैन तक आंदोलन करेंगे।
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महासभा के संरक्षक महेश पाठक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बांकेबिहारी मंदिर पहुंचा और सेवायतों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव समर्थन का भरोसा दिया। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महेश पाठक ने कहा कि मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण हमारी सनातन परंपरा, संस्कृति और आस्था पर सीधा हमला है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने प्रदेश सरकार से मंदिर न्यास को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं बदला तो यह विरोध राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। महासभा ने स्पष्ट किया कि बांकेबिहारी मंदिर का संचालन वर्षों से गोस्वामी सेवायत परंपरा के अनुसार हो रहा है। ऐसे में सरकारी हस्तक्षेप न सिर्फ अनुचित है, बल्कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो देशभर के तीर्थ पुरोहित वृंदावन से लेकर वाराणसी और उज्जैन तक आंदोलन करेंगे।
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