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Mathura News: वृंदावन के लोगों को पढ़ाया कॉरिडोर और न्यास की अच्छाइयों का पाठ
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टीएफसी पर बैठक में मौजूद एडीजी, मंडलायुक्त, डीआईजी ,डीएम और एसएसपी
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को वृंदावन के यात्री सुविधा केंद्र में एक अहम बैठक हुई। इसमें प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, मंदिर सेवायत, स्थानीय व्यापारी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। अधिकारियों ने सभी को कॉरिडोर और न्यास की अच्छाइयों का पाठ पढ़ाया।
बैठक में एडीजी (अपर पुलिस महानिदेशक) आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शैलेश कुमार पांडे, जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी राय और सुझाव सुने।
एडीजी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़े तमाम पहलुओं जैसे मंदिर के आसपास की भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा इंतजाम और ट्रस्ट के गठन पर विस्तृत चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा सभी संबंधित पक्षों की बातों को ध्यान में रखकर एक ऐसा समाधान निकालने की है, जिससे किसी वर्ग की आस्था या सुविधा प्रभावित न हो। बैठक में मंदिर सेवायत समुदाय ने पारंपरिक व्यवस्थाओं को बनाए रखने पर जोर दिया जबकि व्यापारियों ने स्थानीय व्यवसाय पर संभावित असर की चिंता जताई।
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मंडलायुक्त ने कहा सभी को समझाया गया है कि ट्रस्ट या कॉरिडोर से किसी का अहित नहीं होगा। उन्होंने मुआवजे को लेकर स्थानीय लोगों के संशय को दूर किया। वहीं डीआईजी ने न्यास और कॉरिडोर से होने वाले लाभ पर विस्तृत चर्चा की। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी की बातों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की बातों को सुनने के बाद अधिकांश लोग सहमत नजर आए।
सुभाष गौड़ पहलवान ने बताया कि अधिकारियों ने सभी संशय को दूर करने का कार्य किया है। कॉरिडोर और न्यास से सभी को फायदा होगा। किसी का अहित नहीं होगा। हमें सरकार का साथ देना चाहिए।
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बैठक में एडीजी (अपर पुलिस महानिदेशक) आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शैलेश कुमार पांडे, जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी राय और सुझाव सुने।
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एडीजी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़े तमाम पहलुओं जैसे मंदिर के आसपास की भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा इंतजाम और ट्रस्ट के गठन पर विस्तृत चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा सभी संबंधित पक्षों की बातों को ध्यान में रखकर एक ऐसा समाधान निकालने की है, जिससे किसी वर्ग की आस्था या सुविधा प्रभावित न हो। बैठक में मंदिर सेवायत समुदाय ने पारंपरिक व्यवस्थाओं को बनाए रखने पर जोर दिया जबकि व्यापारियों ने स्थानीय व्यवसाय पर संभावित असर की चिंता जताई।
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मंडलायुक्त ने कहा सभी को समझाया गया है कि ट्रस्ट या कॉरिडोर से किसी का अहित नहीं होगा। उन्होंने मुआवजे को लेकर स्थानीय लोगों के संशय को दूर किया। वहीं डीआईजी ने न्यास और कॉरिडोर से होने वाले लाभ पर विस्तृत चर्चा की। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी की बातों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की बातों को सुनने के बाद अधिकांश लोग सहमत नजर आए।
सुभाष गौड़ पहलवान ने बताया कि अधिकारियों ने सभी संशय को दूर करने का कार्य किया है। कॉरिडोर और न्यास से सभी को फायदा होगा। किसी का अहित नहीं होगा। हमें सरकार का साथ देना चाहिए।