फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   The government wanted to provide employment, the beneficiaries started 'business'

Mathura News: सरकार देना चाहती थी रोजगार, लाभार्थियों ने कर लिया ''व्यापार''

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
The government wanted to provide employment, the beneficiaries started 'business'
ज्योत्यवेंद्र दुबे
विज्ञापन

मथुरा। सरकार ने 40 साल पहले अनुसूचित जाति के पात्रों को रोजगार के लिए अलग-अलग विकास खंडों में दुकानें बनाकर उनका निशुल्क आवंटन किया था। सरकार की मंशा बेरोजगार हाथों को मजबूत बनाने की थी, लेकिन यहां लाभार्थियों ने रोजगार के बजाए सीधे दुकानों का ही ''''''''व्यापार'''''''' कर लिया। कुछ ने दुकानें बेच दीं तो कुछ ने किराए पर उठा दीं। शिकायत के बाद मामला खुला तो डीएम ने जांच के आदेश दे दिए। जल्द ही जांच टीम अब हकीकत की पड़ताल करेगी।


वर्ष 1983 से 1985 के बीच उप्र अनुसूचित जाति एवं विकास निगम लिमिटेड मथुरा द्वारा सामूहिक दुकानों का निर्माण कराया गया था। विकास खंड मथुरा, फरह, बलदेव, मांट और नंदगांव में कुल 201 दुकानों का निर्माण कर अनुसूचित जाति के पात्रों को इनका आवंटन किया गया था। निशुल्क रूप से आवंटित इन दुकानों में लाभार्थियों को अपना रोजगार खोलना था। विभाग इन दुकानों का आवंटन कर निगरानी करना भूल गया। चार दशक बाद एक शिकायत पर विभाग की नींद टूटी तो अलग ही कहानी सामने आई।
विज्ञापन


कई आवंटियों ने दुकानों में रोजगार शुरू करने के बजाए उन्हें बेचकर एक बार में ही अपनी जेब भर ली। वहीं कुछ ने दुकानों को किराये पर दे दिया। आवंटन की शर्तों के अनुसार ये नियम विरुद्ध है। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने जिले भर में आवंटित दुकानों की जांच के लिए कमेटी बना दी है। कमेटी जल्द ही अब जांच कर कार्रवाई शुरू करेगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन



- मांट में दुकानों पर है अवैध कब्जा

समाज कल्याण विभाग ने मांट विकास खंड में भी 10 दुकानों का निर्माण कराया था। इसमें कुछ दुकानों पर अवैध कब्जा हो गया है। विभाग के संज्ञान में आने पर अवैध कब्जा हटवाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा राजस्व विभाग को पत्र भेजा जाएगा। राजस्व विभाग द्वारा ही पुलिस बल की मदद से अवैध कब्जा हटवाकर लाभार्थी को कब्जा दिलाया जाएगा।

-जांच समिति में ये अधिकारी हैं शामिल
जिलाधिकारी के आदेश पर पांच अधिकारियों को जांच समिति में शामिल किया गया है। इसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया। वहीं जिला उद्योग केंद्र के सामान्य प्रबंधक, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अग्रणी जिला प्रबंधक और सहायक प्रबंधक अनुगम को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। जांच के लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए ने अवर अभियंता को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया है।



----
कहां बनीं कितनी दुकानें

विकास खंड का नाम दुकानों की संख्या
मथुरा 60
फरह 65
बलदेव 45
मांट 10
नंदगांव 21

कुल 201
----


जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी द्वारा आवंटन की जांच की जाएगी। दुकानों का विक्रय करना या किराये पर देना नियम विरुद्ध है। रजिस्ट्री कार्यालय से भी इसकी जानकारी की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

-नागेंद्र्र पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed