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एक्सप्रेस-वे पर मिले दो बच्चों और महिला के शवों की नहीं हो सकी शिनाख्त
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मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर दो बच्चों और महिला के शवों की पहचान करने में पुलिस अभी तक नाकाम रही है। करीब साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी यह तीनों हत्याएं अभी तक अबूझ पहेली बन चुकी हैं। संभावना यही जताई गई थी कि एक ही दिन मां और उसके दो बेटों की हत्या की गई और शवों को चलती गाड़ी से अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया था।
दो नवंबर २०२१ को एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन-७८ (कोतवाली सुरीर) और माइल स्टोन-७४ (थाना नौहझील) पर अलग-अलग दो बच्चों के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। यह शव चलती गाड़ी से फेंके गए थे। करीब ८ और ९ साल की उम्र के इन बच्चों की हत्या करके इन्हें यहां फेंका गया था। एक बच्चे का शव तारफेंसिंग में फंसकर लटक गया था।
पुलिस इनकी पहचान कर पाती, तब तक दो दिन बाद ४ नवंबर को एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन १२९ पर महिला का शव झाड़ियों में मिलने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। इस महिला की हत्या करके इस शव को यहां फेंका गया था। करीब साढ़े तीन महीने बीतने के बाद आज तक इन तीनों शवों की पहचान नहीं हो सकी है। आखिरकार किसके थे यह शव। इनकी हत्या के पीछे क्या मकसद रहा। पुलिस के लिए भी यह सवाल अभी तक अबूझ पहेली बने हुए हैं।
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डीएनए रिपोर्ट भी नहीं आई अभी तक
पुलिस इन तीन शवों की पहचान करना तो छोड़ो, अभी तक इन तीनों के आपसी संबंध भी उजागर करने में नाकाम रही है। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले तीनों शवों के डीएनए सैंपल भी लिए थे। इन सैंपलों की रिपोर्ट आजतक नहीं आ सकी है।
पुलिस की टीम पहचान के लिए जुटी : श्रीशचंद
दो बच्चों और महिला की पहचान के लिए काफी कोशिश की गई। बावजूद इसके आज भी एक टीम पहचान के लिए जुटी हुई है। डीएनए रिपोर्ट आने पर तीनों के आपसी संबंध हैं या अलग-अलग हैं यह साफ हो जाएगा।
- श्रीशचंद, एसपी ग्रामीण
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दो नवंबर २०२१ को एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन-७८ (कोतवाली सुरीर) और माइल स्टोन-७४ (थाना नौहझील) पर अलग-अलग दो बच्चों के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। यह शव चलती गाड़ी से फेंके गए थे। करीब ८ और ९ साल की उम्र के इन बच्चों की हत्या करके इन्हें यहां फेंका गया था। एक बच्चे का शव तारफेंसिंग में फंसकर लटक गया था।
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पुलिस इनकी पहचान कर पाती, तब तक दो दिन बाद ४ नवंबर को एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन १२९ पर महिला का शव झाड़ियों में मिलने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। इस महिला की हत्या करके इस शव को यहां फेंका गया था। करीब साढ़े तीन महीने बीतने के बाद आज तक इन तीनों शवों की पहचान नहीं हो सकी है। आखिरकार किसके थे यह शव। इनकी हत्या के पीछे क्या मकसद रहा। पुलिस के लिए भी यह सवाल अभी तक अबूझ पहेली बने हुए हैं।
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डीएनए रिपोर्ट भी नहीं आई अभी तक
पुलिस इन तीन शवों की पहचान करना तो छोड़ो, अभी तक इन तीनों के आपसी संबंध भी उजागर करने में नाकाम रही है। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले तीनों शवों के डीएनए सैंपल भी लिए थे। इन सैंपलों की रिपोर्ट आजतक नहीं आ सकी है।
पुलिस की टीम पहचान के लिए जुटी : श्रीशचंद
दो बच्चों और महिला की पहचान के लिए काफी कोशिश की गई। बावजूद इसके आज भी एक टीम पहचान के लिए जुटी हुई है। डीएनए रिपोर्ट आने पर तीनों के आपसी संबंध हैं या अलग-अलग हैं यह साफ हो जाएगा।
- श्रीशचंद, एसपी ग्रामीण