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Mathura News: जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहीं टीमें
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मथुरा। भीषण गर्मी में अस्पताल में बढ़ रही रोगियों की संख्या के बीच मलेरिया विभाग की टीमें घर-घर दस्तक दे रही हैं। सीएमओ के निर्देश पर विभाग ने टीमों का गठन कर नगर में रोस्टर के अनुसार क्षेत्रवार भेजा जा रहा है। टीमें जहां जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। वहीं नालियों में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
सीएमओ के निर्देश पर नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ. भूदेव सिंह द्वारा मलेरिया पर नियंत्रण के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। एक टीम में तीन कर्मचारी तैनात हैं, जो कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार नगर के क्षेत्रों में घर-घर जा रहे हैं। घरों में कूलर और फ्रीज के पीछे की ट्रे में जमा पानी को खाली कराने के साथ ही गमलों और आसपास भरा पानी को खाली कराकर उसे बदलने को कहा गया।
इसके अलावा नालियों और पार्कों में जहां पानी जमा है वहां लार्वा की जांच के साथ ही टेमोफास दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इस दौरान टीमें लोगों को मच्छर न पैदा होने के लिए कूलर, फ्रिज का पानी प्रतिदिन बदलने, अपने आसपास जलभराव न होने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि माता एनाफिलीज एवं क्यूलेक्स मच्छर के लावा न पैदा हों इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नालियों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा घर-घर जाकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
पिछले तीन वर्षों में जिले में मलेरिया की स्थिति
मथुरा जिले में वर्ष 2021 में मलेरिया के 84 मामले सामने आए, जिसमें सर्वाधिक 31 मामले फरह में पाए गए। जबकि 2022 में मलेरिया के मरीजों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मलेरिया के सिर्फ चार मामले सामने आए। इनमें तीन मामले सोनई में पाए गए। वर्ष 2023 में जिलेभर में मलेरिया के 15 मामले पाए गए, इनमें से फरह में चार केस सामने आए।
सीएमओ के निर्देश पर नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ. भूदेव सिंह द्वारा मलेरिया पर नियंत्रण के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। एक टीम में तीन कर्मचारी तैनात हैं, जो कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार नगर के क्षेत्रों में घर-घर जा रहे हैं। घरों में कूलर और फ्रीज के पीछे की ट्रे में जमा पानी को खाली कराने के साथ ही गमलों और आसपास भरा पानी को खाली कराकर उसे बदलने को कहा गया।
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इसके अलावा नालियों और पार्कों में जहां पानी जमा है वहां लार्वा की जांच के साथ ही टेमोफास दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इस दौरान टीमें लोगों को मच्छर न पैदा होने के लिए कूलर, फ्रिज का पानी प्रतिदिन बदलने, अपने आसपास जलभराव न होने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि माता एनाफिलीज एवं क्यूलेक्स मच्छर के लावा न पैदा हों इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नालियों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा घर-घर जाकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
पिछले तीन वर्षों में जिले में मलेरिया की स्थिति
मथुरा जिले में वर्ष 2021 में मलेरिया के 84 मामले सामने आए, जिसमें सर्वाधिक 31 मामले फरह में पाए गए। जबकि 2022 में मलेरिया के मरीजों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मलेरिया के सिर्फ चार मामले सामने आए। इनमें तीन मामले सोनई में पाए गए। वर्ष 2023 में जिलेभर में मलेरिया के 15 मामले पाए गए, इनमें से फरह में चार केस सामने आए।