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Mathura News: राल ड्रेन उफनी, गंदा पानी यमुना में समाया
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मथुरा। दो दिन से यमुना का बुरा हाल है। राल ड्रेन के उफनने से औद्योगिक क्षेत्रों का रसायन युक्त गंदा पानी मसानी नाले से सीधे यमुना में पहुंच रहा है। मसानी पर स्थापित सीवेज पंपिंग स्टेशन भी इसे रोक पाने में असमर्थ है। इससे यमुना के घाटों पर गंदगी के अंबार लगे हैं।
बुधवार को भी राल ड्रेन के उफनने से मसानी नाले का पानी सीधे यमुना में जाता रहा। यह दूसरा दिन है जब राल ड्रेन से शहर के औद्योगिक क्षेत्रों का जहरीला कचरा यमुना में पहुंच रहा है। नाले के पानी के साथ औद्योगिक कचरे को रोकने में मसानी स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन नाकाम है। इसका असर यमुना के घाटों पर दिखाई दे रहा है।
स्वामी घाट, विश्राम घाट, बंगाली घाट के आसपास कूड़ा यमुना जल की सतह पर दिखने से श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रहा है। यमुना प्रदूषण संबंधी मामले के याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एडीएम (वित्त) योगानंद पांडेय, नगर आयुक्त अनुनय झा को स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल कदम उठाने को कहा। जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नोडल अधिकारी ने अपर आगरा केनाल के अधिशासी अधिकारी से फोन पर बात करते हुए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
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जलचरों पर संकट
मसानी नाले से शहर का करीब ५० प्रतिशत हिस्सा जुड़ा हुआ है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है, जहां रासायनिक कचरा भी इसी नाले का हिस्सा बनता है। यह पानी पिछले दो दिन से यमुना को जहरीला बना रहा है। इससे यमुना में जलचरों के जीवन पर संकट के बादल मड़राने लगे हैं।
राल ड्रेन के ओवर फ्लो के कारण मसानी नाला से पानी यमुना में गिरने की सूचना मिली थी। इस पर अपर आगरा केनाल के अधिशासी अभियंता को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, जिससे ओवर फ्लो हो रहे पानी को रोका जा सके।
-योगानंद पांडेय, एडीएम वित्त, नोडल अधिकारी-यमुना कार्य योजना
मुख्यद्वार पर सुलभ शौचालय का विरोध
विश्वधर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में विश्रामघाट के मुख्यद्वार पर बने सुलभ शौचालय को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि गेट के पास से सीवर ओवर फ्लो होकर सीवर सीधे यमुना में गिरता है। इसी प्रकार कंसखार जहां कृष्ण ने मामा कंस का वध किया था वहां बने टावर के नीचे मूत्रालय बना हुआ है। यहां जल की भी व्यवस्था नहीं है इससे दुर्गंध रहती है। उन्होंने नगर आयुक्त से शौचालय हटाए जाने की मांग की है।
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बुधवार को भी राल ड्रेन के उफनने से मसानी नाले का पानी सीधे यमुना में जाता रहा। यह दूसरा दिन है जब राल ड्रेन से शहर के औद्योगिक क्षेत्रों का जहरीला कचरा यमुना में पहुंच रहा है। नाले के पानी के साथ औद्योगिक कचरे को रोकने में मसानी स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन नाकाम है। इसका असर यमुना के घाटों पर दिखाई दे रहा है।
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स्वामी घाट, विश्राम घाट, बंगाली घाट के आसपास कूड़ा यमुना जल की सतह पर दिखने से श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रहा है। यमुना प्रदूषण संबंधी मामले के याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एडीएम (वित्त) योगानंद पांडेय, नगर आयुक्त अनुनय झा को स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल कदम उठाने को कहा। जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नोडल अधिकारी ने अपर आगरा केनाल के अधिशासी अधिकारी से फोन पर बात करते हुए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
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जलचरों पर संकट
मसानी नाले से शहर का करीब ५० प्रतिशत हिस्सा जुड़ा हुआ है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है, जहां रासायनिक कचरा भी इसी नाले का हिस्सा बनता है। यह पानी पिछले दो दिन से यमुना को जहरीला बना रहा है। इससे यमुना में जलचरों के जीवन पर संकट के बादल मड़राने लगे हैं।
राल ड्रेन के ओवर फ्लो के कारण मसानी नाला से पानी यमुना में गिरने की सूचना मिली थी। इस पर अपर आगरा केनाल के अधिशासी अभियंता को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, जिससे ओवर फ्लो हो रहे पानी को रोका जा सके।
-योगानंद पांडेय, एडीएम वित्त, नोडल अधिकारी-यमुना कार्य योजना
मुख्यद्वार पर सुलभ शौचालय का विरोध
विश्वधर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में विश्रामघाट के मुख्यद्वार पर बने सुलभ शौचालय को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि गेट के पास से सीवर ओवर फ्लो होकर सीवर सीधे यमुना में गिरता है। इसी प्रकार कंसखार जहां कृष्ण ने मामा कंस का वध किया था वहां बने टावर के नीचे मूत्रालय बना हुआ है। यहां जल की भी व्यवस्था नहीं है इससे दुर्गंध रहती है। उन्होंने नगर आयुक्त से शौचालय हटाए जाने की मांग की है।