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चंद्रग्रहण : जन्मभूमि के पट रहे बंद, द्वारिकाधीश ने दिए दर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2022 12:51 AM IST
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मथुरा। चंद्रग्रहण के दौरान मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित सभी मंदिरों के दर्शन बंद रहे। द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज ने भक्तों को दर्शन दिए। इस दौरान घाटों, घरों में लोग जप और कीर्तन करते रहे। ग्रहण समाप्ति के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने यमुना नदी में स्नान किया।
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चंद्र ग्रहण के करण सूतक काल में मंदिरों के पट दिन भर बंद रहे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित सभी मंदिरों में भक्तों को नियमित दर्शन नहीं हुए। हालांकि बड़ी संख्या में चंद्रग्रहण के दौरान मंदिर में उपासना और भजन कीर्तन के लिए पहुंचे। उन्होंने ठाकुर जी के नाम का जाप मंदिर परिसर में किया। पुष्टिमर्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश में राजाधिराज ने चंद्र ग्रहण के दौरान भक्तों को दर्शन दिए। इस दरम्यान लोगों ने मंदिर में बैठकर आराधना भी की।
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मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि चंद्रग्रहण के दौरान मंदिर द्वारिकाधीश के दर्शन पूरे समय खुले रहे। भक्तों ने अपने आराध्य के साथ भजन कीर्तन परिक्रमा आदि लगाई। ग्रहण के समय में ठाकुर जी की भक्ति के लिए अनेक भक्तजन मंदिर में डेरा जमाए रहे। भजन कीर्तन करते रहे। ग्रहण के बाद मंदिर की शुद्धि की गई। पुष्टिमार्ग संप्रदाय में ग्रहण के समय मंदिर खुले रहते हैं।
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जन्मस्थान के दर्शन का समय बदला
मथुरा। श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सभी मंदिरों का शीतकालीन समय परिवर्तन कर दिया गया है। मार्गशीर्ष कृष्ण प्रतिपदा संवत् 2079 तद्नुसार 09 नवंबर को प्रात: से दर्शन का परिवर्तित समय प्रभावी होगा।

- श्रीगर्भगृह जी मंदिर
दर्शन प्रात: 6:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक (पर्यन्त)
- भागवत भवन मंदिर एवं अन्य मंदिर
प्रात: 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।
सायं 3:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक
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बांके बिहारी के दिन भर बंद रहे पट
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। मंगलवार को पड़े चंद्रग्रहण के कारण वृंदावन के मंदिरों के पट बंद रहे। ग्रहण के कारण सूतक लगने से पूर्व प्रात:काल आरती के बाद ठाकुरजी की शयन करा दिया गया। इसके बाद ग्रहण मोक्ष के बाद सायंकाल मंदिरों के पट खुले। मंगलवार की सुबह 5.45 बजे मंदिर के पट खुले और 5.55 बजे शृंगार आरती हुई। 6.55 बजे राजभोग आरती के बाद सुबह 7 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। ग्रहण के कारण मंदिर पूरे दिन बंद रहे। इस दौरान बांके बिहारी मंदिर के आसपास का बाजार भी बंद रहा और सड़कें सूनी रहीं। शाम को ग्रहणकाल खत्म होने के बाद 7.30 बजे पट खुले। 8.25 बजे शयन आरती और 8.30 बजे मंदिर के पट बंद हुए। दूसरी ओर ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए भक्तों ने अक्रूर घाट पर स्नान किया। इधर राधावल्लभ, राधा दामोदर, राधा सनेह बिहारी सहित अन्य मंदिरों के पट भी ग्रहण के कारण बंद रहे।
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