{"_id":"62a1e880a5a1a668956d001d","slug":"such-a-passion-meera-has-become-happy-mathura-news-mtr5189735137","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन...
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीगुरुचरण सेवा धाम में ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। ब्रह्मोत्सव पर बुधवार रात भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपनी स्वर लहरियों से राजराजेश्वर भगवान जानकीनाथ को रिझाया। अनूप जलोटा ने ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन सुनाया तो भक्त भाव विभोर हो गए।
इसके बाद उन्होंने जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम, अच्युतं केशवं राम नारायणं कृष्ण दामोदरं वासुदेवं हरे, पायो जी मैंने राम रतन धन पायो आदि भजनों को गाया। अनूप जलोटा के साथ भजन गायक शंभू लहरी, चंचल काबरा ने संगत की। जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि जानकीनाथ को रिझाने का सबसे सरल साधन भजन ही है। उन्होंने कहा कि बैकुंठवासी पूज्य गुरुदेव सुग्रीव किला पीठाधीश्वर श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी का यह प्रतिमा प्रतिष्ठा महोत्सव है।
अनूप जी के भजन उन्हें अत्यंत प्रिय थे। उन्हीं की इच्छा और सामर्थ्य से भजन सम्राट की प्रस्तुति यहां संभव हुई है। इस मौके पर चित्रकूट पीठाधीश्वर जयराम दास महाराज, आचार्य रिपुदमन मिश्र, भागवताचार्य श्यामसुंदर पाराशर, भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत शर्मा, प्राणवल्लभ दुबे, अभिषेक मिश्रा, भवानीदत्त शर्मा आदि उपस्थित थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम, अच्युतं केशवं राम नारायणं कृष्ण दामोदरं वासुदेवं हरे, पायो जी मैंने राम रतन धन पायो आदि भजनों को गाया। अनूप जलोटा के साथ भजन गायक शंभू लहरी, चंचल काबरा ने संगत की। जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि जानकीनाथ को रिझाने का सबसे सरल साधन भजन ही है। उन्होंने कहा कि बैकुंठवासी पूज्य गुरुदेव सुग्रीव किला पीठाधीश्वर श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी का यह प्रतिमा प्रतिष्ठा महोत्सव है।
विज्ञापन
अनूप जी के भजन उन्हें अत्यंत प्रिय थे। उन्हीं की इच्छा और सामर्थ्य से भजन सम्राट की प्रस्तुति यहां संभव हुई है। इस मौके पर चित्रकूट पीठाधीश्वर जयराम दास महाराज, आचार्य रिपुदमन मिश्र, भागवताचार्य श्यामसुंदर पाराशर, भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत शर्मा, प्राणवल्लभ दुबे, अभिषेक मिश्रा, भवानीदत्त शर्मा आदि उपस्थित थे। संवाद
विज्ञापन