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जापान में होगा श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का गुणगान
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राधाकुंड। श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी स्थित ब्रजानंद घेरा में प्रबोधानंद सरस्वती द्वारा रचित प्राचीन श्रीराधा रस सुधा निधि ग्रंथ के जापानी अनुवाद का महंत केशव दास ने विमोचन किया। इस ग्रंथ के माध्यम से श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का जापान में गुणगान होगा।
मुंगेर मंदिर वृंदावन के साधु के निर्देशन में विदेशी भक्तों की टीम बुधवार को राधा-श्याम कुंड पहुंची। विदेशी भक्त राधा-कृष्ण की लीलाओं के बीच अभिभूत नजर आए। जयनंदा महाराज एवं गोपीनाथ ने साधु-संतों को ग्रंथ भेंट किए। महंत केशवदास ने कहा कि राधा नाम की महिमा अपरंपार है। राधारस सुधा निधि में राधा-कृष्ण की लीलाओं का गुणगान है।
इसमें 272 श्लोक और उनकी व्याख्या समाहित है। विदेशी भक्त मोटोको योसिदा ने बताया कि राधारस सुधा निधि में राधा-कृष्ण की लीलाओं का संपूर्ण ज्ञान छिपा है। जापानी भाषा में अनुवाद के बाद अमेरिकन व अन्य भाषाओं में प्रकाशन किया जाएगा। भक्ति हिमांगिरी, जयनंदा महाराज, राजू कौशिक, मंगला आरती, रामाणी, प्रिया, केवल भक्ति, गोविंदा, नंदनी, लीला माधुरी, मधुरिया, रागनी, सासकी अयुमी, यूके से आये सिटयानी, केलिको, कियोम, छैलबिहारी दास, गोपीनाथ आदि थे।
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मुंगेर मंदिर वृंदावन के साधु के निर्देशन में विदेशी भक्तों की टीम बुधवार को राधा-श्याम कुंड पहुंची। विदेशी भक्त राधा-कृष्ण की लीलाओं के बीच अभिभूत नजर आए। जयनंदा महाराज एवं गोपीनाथ ने साधु-संतों को ग्रंथ भेंट किए। महंत केशवदास ने कहा कि राधा नाम की महिमा अपरंपार है। राधारस सुधा निधि में राधा-कृष्ण की लीलाओं का गुणगान है।
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इसमें 272 श्लोक और उनकी व्याख्या समाहित है। विदेशी भक्त मोटोको योसिदा ने बताया कि राधारस सुधा निधि में राधा-कृष्ण की लीलाओं का संपूर्ण ज्ञान छिपा है। जापानी भाषा में अनुवाद के बाद अमेरिकन व अन्य भाषाओं में प्रकाशन किया जाएगा। भक्ति हिमांगिरी, जयनंदा महाराज, राजू कौशिक, मंगला आरती, रामाणी, प्रिया, केवल भक्ति, गोविंदा, नंदनी, लीला माधुरी, मधुरिया, रागनी, सासकी अयुमी, यूके से आये सिटयानी, केलिको, कियोम, छैलबिहारी दास, गोपीनाथ आदि थे।
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