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समाज कल्याण विभाग कराएगा 13 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ रिपोर्ट
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मथुरा। छात्रवृत्ति के मामले में जांच से बचने के लिए हाईकोर्ट में समाज कल्याण निदेशालय का पत्र लगाना शिक्षण संस्थाओं को भारी पड़ गया। जांच में यह पत्र फर्जी पाया गया है। फर्जी पत्र हाईकोर्ट में लगाने के मामले में जनपद की 13 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ समाज कल्याण निदेशालय ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं।
बल्देव विधायक पूरन प्रकाश ने बीसीए, बी फार्मा, डी फार्मा, पॉलिटेक्निक आदि की छात्रवृत्ति में अनियमितता संबंधी शिकायत शासन से की गई थी। यह शिकायत वर्ष 2017 से लेकर 2020 तक थी। विधायक की ओर से की गई शिकायत के क्रम में शासन की ओर से उप निदेशक समाज कल्याण जे राम, सहायक निदेशक समाज कल्याण सिद्घार्थ मिश्र, वरिष्ठ संपरीक्षक समाज कल्याण गजेन्द्र द्विवेदी को जांच दी गई।
उन्हें निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का भौतिक सत्यापन ऑनलाइन डाटा के आधार पर एक माह के अंदर सौंपना था। इसी दौरान शिक्षण संस्था उन्नति फार्मेसी कॉलेज दौलतपुर फरह ने 12 और शिक्षण संस्थाओं को साथ लेकर हाईकोर्ट में एक रिट डाल दी। इसमें समाज कल्याण निदेशालय का एक पत्र जांच संबंधी लगाया गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर विभाग ने जांच की और जांच में दाखिल किए गए पत्र को फर्जी पाया गया।
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समाज कल्याण निदेशालय की जांच में माना गया कि 13 विद्यालयों ने विभाग का फर्जी पत्र तैयार कर हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। इस जांच के बाद समाज कल्याण निदेशक राकेश कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी मथुरा को एफआईआर के आदेश किए हैं। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि जल्द ही विभाग की ओर से 13 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निदेशालय की ओर से जारी आदेश में यह एफआईआर 20 सितंबर तक करा देनी थी।
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बल्देव विधायक पूरन प्रकाश ने बीसीए, बी फार्मा, डी फार्मा, पॉलिटेक्निक आदि की छात्रवृत्ति में अनियमितता संबंधी शिकायत शासन से की गई थी। यह शिकायत वर्ष 2017 से लेकर 2020 तक थी। विधायक की ओर से की गई शिकायत के क्रम में शासन की ओर से उप निदेशक समाज कल्याण जे राम, सहायक निदेशक समाज कल्याण सिद्घार्थ मिश्र, वरिष्ठ संपरीक्षक समाज कल्याण गजेन्द्र द्विवेदी को जांच दी गई।
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उन्हें निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का भौतिक सत्यापन ऑनलाइन डाटा के आधार पर एक माह के अंदर सौंपना था। इसी दौरान शिक्षण संस्था उन्नति फार्मेसी कॉलेज दौलतपुर फरह ने 12 और शिक्षण संस्थाओं को साथ लेकर हाईकोर्ट में एक रिट डाल दी। इसमें समाज कल्याण निदेशालय का एक पत्र जांच संबंधी लगाया गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर विभाग ने जांच की और जांच में दाखिल किए गए पत्र को फर्जी पाया गया।
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समाज कल्याण निदेशालय की जांच में माना गया कि 13 विद्यालयों ने विभाग का फर्जी पत्र तैयार कर हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। इस जांच के बाद समाज कल्याण निदेशक राकेश कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी मथुरा को एफआईआर के आदेश किए हैं। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि जल्द ही विभाग की ओर से 13 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निदेशालय की ओर से जारी आदेश में यह एफआईआर 20 सितंबर तक करा देनी थी।