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Mathura News: नाथद्वारा से बनकर आए चांदी के गंगा सागर
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छप्पन भोग में प्रभु को अर्पित किए जाने वाले चांदी के गंगासागर के साथ जीएलए के कुलाधिपति व अन्य।
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मथुरा। अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर को गोवर्धन की तलहटी में होने वाले अलौकिक छप्पन भोग में गिरिराज प्रभु नीलम पुखराज के रत्नों से जड़ी मोरपंखी धारण करेंगे। बुधवार को कृष्ण सभागार में हुए समारोह में जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने नाथद्वारा से बनकर आए प्रभु को अर्पित किए जाने वाले गंगा सागर का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन कर ब्रजवासियों की रक्षा की और तभी से ब्रजवासी प्रभु को छप्पन भोग लगाते हैं, तभी से कृष्ण गिरिराज कहलाये।
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने प्रभु की छवि पर माल्यार्पण किया। उन्होंने बताया कि इस बार प्रभु सोने की बांसुरी धारण करेंगे। महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने बताया कि तीन दिवसीय अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव के लिए कोलकाता और ओडिशा के कारीगरों ने भव्य राजमहल तैयार किया है। 4 सितंबर को दुग्ध धारा परिक्रमा, 5 सितंबर को पंचरत्नम महाभिषेक और स्वामी हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रमुख संतूर वादक अपनी प्रस्तुति देंगे।
छप्पन भोग महोत्सव के मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि प्रभु का शृंगार सोने-चांदी के सप्त रत्नों, हीरा, पन्ना, मोती, नीलम, गोमेद, पुखराज, माणिक व मूंगा से होगा। थाईलैंड, मलेशिया मॉरीशस से आ रहे फूलों से तलहटी सजाई जाएगी। जगह-जगह शास्त्रीय संगीत का वादन भक्ति रस बिखेरेगा। 6 सितंबर को सबसे पहले ब्रज के साधु-संतों का भोज होगा, उसके बाद दोपहर तीन बजे से रात्रि 12 बजे तक दर्शन होंगे। अनावरण समारोह में अध्यक्ष दीनानाथ रामभवन, संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ़, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, संयोजक अनमोल बंसल, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कुमार कन्नू, राकेश गर्ग, नीरज गोयल, दिनेश, दिनेश मंगल, लल्लू सिंह आदि मौजूद थे।
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गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने प्रभु की छवि पर माल्यार्पण किया। उन्होंने बताया कि इस बार प्रभु सोने की बांसुरी धारण करेंगे। महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने बताया कि तीन दिवसीय अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव के लिए कोलकाता और ओडिशा के कारीगरों ने भव्य राजमहल तैयार किया है। 4 सितंबर को दुग्ध धारा परिक्रमा, 5 सितंबर को पंचरत्नम महाभिषेक और स्वामी हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रमुख संतूर वादक अपनी प्रस्तुति देंगे।
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छप्पन भोग महोत्सव के मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि प्रभु का शृंगार सोने-चांदी के सप्त रत्नों, हीरा, पन्ना, मोती, नीलम, गोमेद, पुखराज, माणिक व मूंगा से होगा। थाईलैंड, मलेशिया मॉरीशस से आ रहे फूलों से तलहटी सजाई जाएगी। जगह-जगह शास्त्रीय संगीत का वादन भक्ति रस बिखेरेगा। 6 सितंबर को सबसे पहले ब्रज के साधु-संतों का भोज होगा, उसके बाद दोपहर तीन बजे से रात्रि 12 बजे तक दर्शन होंगे। अनावरण समारोह में अध्यक्ष दीनानाथ रामभवन, संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ़, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, संयोजक अनमोल बंसल, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कुमार कन्नू, राकेश गर्ग, नीरज गोयल, दिनेश, दिनेश मंगल, लल्लू सिंह आदि मौजूद थे।
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