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Mathura News: अभिजीत बेला में होगी श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा
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मथुरा। अयोध्या में सोमवार को श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव के अंतर्गत श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा उसी अभिजीत बेला में हो रही है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार इसी अभिजीत बेला में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था।
ज्योतिषाचार्य कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि नारद पुराण के अनुसार अभिजीत बेला को सर्वश्रेष्ठ बेला माना गया है। ऐसा माना जाता है इस बेला में जो भी शुभ कार्य किया जाता है, उस कार्य को भगवान गोविंद स्वयं सुदर्शन चक्र लेकर पूर्ण करते हैं और कार्य के सकुशल संपन्न होने में आने वाले विघ्नों का नाश करते हैं। बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार प्रभु श्रीराम का जन्म अभिजीत बेला में हुआ था।
इसी अभिजीत बेला में 22 जनवरी को श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। उनके जन्म के समय पांच ग्रह सूर्य, मंगल, बृहस्पति, शुक्र और शनि उच्च राशि में थे। जो कि श्रीराम के महापुरुष होने का योग बना रहे थे। ज्योतिषाचार्य पंकज ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम का जन्म नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र था। इस समय तीन महत्वपूर्ण योग सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग भी बन रहे हैं जो कि काफी लाभदायक और शुभ होते हैं।
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ज्योतिषाचार्य कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि नारद पुराण के अनुसार अभिजीत बेला को सर्वश्रेष्ठ बेला माना गया है। ऐसा माना जाता है इस बेला में जो भी शुभ कार्य किया जाता है, उस कार्य को भगवान गोविंद स्वयं सुदर्शन चक्र लेकर पूर्ण करते हैं और कार्य के सकुशल संपन्न होने में आने वाले विघ्नों का नाश करते हैं। बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार प्रभु श्रीराम का जन्म अभिजीत बेला में हुआ था।
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इसी अभिजीत बेला में 22 जनवरी को श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। उनके जन्म के समय पांच ग्रह सूर्य, मंगल, बृहस्पति, शुक्र और शनि उच्च राशि में थे। जो कि श्रीराम के महापुरुष होने का योग बना रहे थे। ज्योतिषाचार्य पंकज ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम का जन्म नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र था। इस समय तीन महत्वपूर्ण योग सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग भी बन रहे हैं जो कि काफी लाभदायक और शुभ होते हैं।
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राम प्रतिष्ठा के लिए सजा नेरचौक बाजार संवाद