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UP: श्रीबांकेबिहारी मंदिर ट्रस्ट और काॅरिडोर..सेवायतों ने थाली बजाकर किया विरोध, अफसर बोले- ये भविष्य की मांग
Mon, 02 Jun 2025 08:46 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 02 Jun 2025 08:46 PM IST
सार
मथुरा के वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर में प्रस्तावित ट्रस्ट और काॅरिडोर को लेकर विरोध थम नहीं रहा है। एक ओर सेवायतों का विरोध जारी है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी आपसी सहमति के प्रयास में लगे हुए हैं।
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विरोध करते सेवायत और बैठक करते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के वृंदावन में प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और ट्रस्ट बनने की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही सेवायतों का विरोध जारी है। सोमवार को कॉरिडोर निर्माण पर आला अधिकारियों के सामूहिक मंथन का सेवायतों ने थाली बजाकर विरोध किया। हालांकि अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि अगर किसी को शिकायत है तो वह लिखित में अपनी व्यथा बता सकते हैं। साथ ही कहा है कि भविष्य की मांग पर ही कॉरिडोर का निर्माण की योजना बनाई गई है।
वृंदावन स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र में हुई बैठक में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एमवीडीए उपाध्यक्ष एसबी सिंह और नगर आयुक्त जग प्रवेश समेत अन्य अधिकारियों ने सामूहिक रूप से सभी को आश्वस्त किया है कि कॉरिडोर निर्माण से किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर किसी दुकानदार की दुकान कॉरिडोर में आएगी तो उसे उसके हक की दुकान मिले। अगर किसी का नुकसान होगा तो उसे मुआवजा दिया जाएगा।
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इस पर सेवायत व व्यापारियों ने सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि सरकार ने अब तक सर्किल रेट नहीं बढ़ाए हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा जब प्रशासन लगातार कॉरिडोर निर्माण को लेकर विभिन्न पक्षों से बातचीत कर रहा है। हालांकि सेवायत समाज का विरोध लगातार जारी है। थाली बजाकर किया गया यह सांकेतिक विरोध सेवायतों की एकजुटता और प्रस्तावित कॉरिडोर के प्रति उनकी तीव्र असहमति को दर्शाता है। प्रदर्शन करने वालों में हिमांशु गोस्वामी, देव गोस्वामी, करण गोस्वामी, निखिल गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी, अर्जुन गोस्वामी, तुषार गोस्वामी के साथ-साथ अनेक मंदिर सेवायत उपस्थित रहे।
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वृंदावन स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र में हुई बैठक में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एमवीडीए उपाध्यक्ष एसबी सिंह और नगर आयुक्त जग प्रवेश समेत अन्य अधिकारियों ने सामूहिक रूप से सभी को आश्वस्त किया है कि कॉरिडोर निर्माण से किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर किसी दुकानदार की दुकान कॉरिडोर में आएगी तो उसे उसके हक की दुकान मिले। अगर किसी का नुकसान होगा तो उसे मुआवजा दिया जाएगा।
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इस पर सेवायत व व्यापारियों ने सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि सरकार ने अब तक सर्किल रेट नहीं बढ़ाए हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा जब प्रशासन लगातार कॉरिडोर निर्माण को लेकर विभिन्न पक्षों से बातचीत कर रहा है। हालांकि सेवायत समाज का विरोध लगातार जारी है। थाली बजाकर किया गया यह सांकेतिक विरोध सेवायतों की एकजुटता और प्रस्तावित कॉरिडोर के प्रति उनकी तीव्र असहमति को दर्शाता है। प्रदर्शन करने वालों में हिमांशु गोस्वामी, देव गोस्वामी, करण गोस्वामी, निखिल गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी, अर्जुन गोस्वामी, तुषार गोस्वामी के साथ-साथ अनेक मंदिर सेवायत उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त बोले- मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फैसला
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये सभी फैसले शासन स्तर पर वृंदावन की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि कॉरिडोर से किसी का अहित नहीं होगा, बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे व्यापार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही वृंदावन पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। साथ ही लोगों के लिए रोजगार के लिए अवसर भी पैदा होंगे। मंडलायुक्त ने वाराणसी का उदाहरण देते हुए इसके सफल होने की बात कही।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास बनने से गोस्वामीजनों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी, उनकी सेवा पूजा पहले की तरह जारी रहेगी और उनकी सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, एसडीएम सदर अभिनव जे जैन सहित स्थानीय भाजपा नेता, पार्षद और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों के समर्थन में आए लोग
ट्रस्ट बनने की अधिसूचना जारी होने के बाद से अधिकारी सेवायतों की नब्ज टटोलने में लगे हैं। बीते एक सप्ताह से आला अधिकारी वृंदावन की गलियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि हर बार निराशा ही हाथ लगी है, लेकिन सोमवार को हुई सामूहिक बैठक में कुछ लोगों ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा व्यापारी समेत साधु-संत व सेवायत समाज छोड़कर वृंदावनवासी कॉरिडोर निर्माण के इच्छुक हैं।
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये सभी फैसले शासन स्तर पर वृंदावन की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि कॉरिडोर से किसी का अहित नहीं होगा, बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे व्यापार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही वृंदावन पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। साथ ही लोगों के लिए रोजगार के लिए अवसर भी पैदा होंगे। मंडलायुक्त ने वाराणसी का उदाहरण देते हुए इसके सफल होने की बात कही।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास बनने से गोस्वामीजनों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी, उनकी सेवा पूजा पहले की तरह जारी रहेगी और उनकी सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, एसडीएम सदर अभिनव जे जैन सहित स्थानीय भाजपा नेता, पार्षद और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों के समर्थन में आए लोग
ट्रस्ट बनने की अधिसूचना जारी होने के बाद से अधिकारी सेवायतों की नब्ज टटोलने में लगे हैं। बीते एक सप्ताह से आला अधिकारी वृंदावन की गलियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि हर बार निराशा ही हाथ लगी है, लेकिन सोमवार को हुई सामूहिक बैठक में कुछ लोगों ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा व्यापारी समेत साधु-संत व सेवायत समाज छोड़कर वृंदावनवासी कॉरिडोर निर्माण के इच्छुक हैं।