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श्रीकृष्णा हॉस्पिटल पर हंगामा: मौत के बाद वेंटिलेटर पर रखी बच्ची, लापरवाही का आरोप; बुलानी पड़ी पुलिस

Wed, 30 Sep 2026 01:40 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 30 Sep 2026 01:40 PM IST
सार

श्री कृष्णा अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर करीब दो घंटे हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि अस्पताल संचालक ने एक बच्चे की मौत और दूसरे के स्वस्थ होने की बात कही है।
 

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Agra Shri Krishna Hospital Newborn Death Family Alleges Medical Negligence
हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के ट्रांस यमुना फेस-द्वितीय स्थित श्री कृष्णा अस्पताल में प्रसूता की मौत के दो दिन बाद बुधवार को उसके जुड़वा बच्चों में से एक की भी मौत हो गई। परिजन ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर करीब दो घंटे तक हंगामा किया। उनका दावा है कि दोनों नवजात की मौत हो चुकी है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने केवल बेटे की मौत की जानकारी दी है। उनका आरोप है कि बच्ची को भी मौत के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
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एटा के थाना बागवाला क्षेत्र के गढ़ी बड़ेल निवासी अजीत कुमार यादव की शादी करीब 30 साल पहले अलीगंज निवासी मंजू देवी से हुई थी। दंपती के कोई संतान नहीं थी। परिजन ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले रिश्तेदार राजेश ने उन्हें श्री कृष्णा अस्पताल की डॉक्टर गीता यादव से मिलवाया था। आरोप है कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन ने उपचार की जिम्मेदारी लेते हुए डेढ़ साल में करीब 11 लाख रुपये ले लिए। 
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आरोप है कि सोमवार को मंजू देवी की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात करीब नौ बजे ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उपचार में लापरवाही के चलते मंजू देवी की मौत हो गई। इस दौरान उसने एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया। दोनों नवजात को वेंटिलेटर पर रखा गया था।  आरोप है कि उन्हें जच्चा और बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। बाद में वे मंजू का शव घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
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बुधवार सुबह करीब 9 बजे हॉस्पिटल पहुंचने पर परिजन को करीब एक लाख रुपये का बिल दिया गया। इसी दौरान उन्हें नवजात बेटे की मौत की जानकारी दी गई। बच्ची के संबंध में परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी भी मौत हो चुकी है, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया है। तहरीर मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




आरोप निराधार, पहले ही बता दिया था जोखिम : संचालक
श्री कृष्णा अस्पताल के संचालक डॉ. अरविंद यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि उपचार शुरू करने से पहले ही परिजन को स्थिति और जोखिम के बारे में बता दिया गया था। महिला को अस्पताल लाने से पहले ही रक्तस्राव हो रहा था। ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चों का सुरक्षित जन्म हुआ था। समय से पहले जन्म होने के कारण उनके अंग पूरी तरह विकसित नहीं थे। बुधवार को एक नवजात की मौत हुई है, जबकि दूसरा बच्चा स्वस्थ है।
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