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नवरात्र व्रत: खुले में बिक रहे कुट्टू के आटे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध, फलों की भी कराई जा रही जांच
Fri, 04 Oct 2024 10:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 10:54 AM IST
सार
नवरात्र में व्रत के दौरान यदि कुट्टू के आटे से बने पकवानों का सेवन करते हैं, तो सावधान हो जाएं। मथुरा में खुले में बिक रहे कुट्टू के आटे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी प्रकार फलों की भी जांच कराई जा रही है।
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कुट्टू का आटा
- फोटो : freepik
विस्तार
मथुरा में जन्माष्टमी पर कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से 10 गांव के 250 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। नवरात्र में खाद्य विभाग इस तरह का कोई खतरा मोल लेना नहीं चाहता है। यही कारण है कि खुले में बिक्री होने वाले कुट्टू आटे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही नवरात्र में फलाहार के रूप में प्रयोग होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में 6 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए साथ ही पांच किलो कुट्टू का आटा नष्ट कराया।
बृहस्पतिवार को खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त (द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों के विक्रय पर प्रभावी रोकथाम हेतु अभियान चलाया गया। इस दौरान कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, सूखे मेवे, मूंगफली, साबूदाना, रामदाना व अन्य फलाहार की गुणवत्ता सुनिश्चित कराए जाने तथा हानिकारक रसायनों से कृत्रिम रूप से पकाए गए फलों के भंडारण, विक्रय को प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से गोविंद नगर, सदर, गोवर्धन, वृंदावन समेत कई स्थानों पर चेकिंग की गई।
सहायक आयुक्त ने बताया कि गोवर्धन तहसील में बड़ा बाजार से साबूदाने का, वृंदावन स्थित निर्माण इकाई से व्रत का आटे का, गोविंद नगर से कुट्टू के आटे का, सदर तहसील में बाद से कुट्टू, गिरी, बरारी में खुले कुट्टू का आटा और औरंगाबाद में सावां चावल के नमूने लिए गए। इसके साथ ही लगभग 5 किलोग्राम खुले कुट्टू के आटे को नष्ट कराया गया। सभी छह सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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जांच रिपोर्ट में यदि सैंपल फेल हुए दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान खाद्य सचल दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञान पाल सिंह, गजराज सिंह, दलबीर सिंह, मोहर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी भरत सिंह मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त (द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों के विक्रय पर प्रभावी रोकथाम हेतु अभियान चलाया गया। इस दौरान कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, सूखे मेवे, मूंगफली, साबूदाना, रामदाना व अन्य फलाहार की गुणवत्ता सुनिश्चित कराए जाने तथा हानिकारक रसायनों से कृत्रिम रूप से पकाए गए फलों के भंडारण, विक्रय को प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से गोविंद नगर, सदर, गोवर्धन, वृंदावन समेत कई स्थानों पर चेकिंग की गई।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि गोवर्धन तहसील में बड़ा बाजार से साबूदाने का, वृंदावन स्थित निर्माण इकाई से व्रत का आटे का, गोविंद नगर से कुट्टू के आटे का, सदर तहसील में बाद से कुट्टू, गिरी, बरारी में खुले कुट्टू का आटा और औरंगाबाद में सावां चावल के नमूने लिए गए। इसके साथ ही लगभग 5 किलोग्राम खुले कुट्टू के आटे को नष्ट कराया गया। सभी छह सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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जांच रिपोर्ट में यदि सैंपल फेल हुए दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान खाद्य सचल दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञान पाल सिंह, गजराज सिंह, दलबीर सिंह, मोहर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी भरत सिंह मौजूद रहे।