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Saint Premanand: प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वीआईपी की कतार, रोज अधिकारियों के पास पहुंचते हैं 100 काॅल
Sat, 22 Feb 2025 03:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 22 Feb 2025 03:41 PM IST
सार
Premanand Ji Maharaj Vrindavan Darshan: संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वीआईपी की लंबी कतार है। मथुरा में अधिकारियों के पास रोजाना 100 से अधिक कॉल आते हैं। इच्छा सिर्फ एक ही है कि किसी भी तरह उन्हें संत प्रेमानंद से मिलवा दिया जाए।
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प्रेमानंद महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हेलाे...मैं मंत्री का पीआरओ बोल रहा हूं...साहब को प्रेमानंद महाराज से मिलना है...नंबर लगवा दीजिए। ऐसे ही तमाम वीआईपी नंबर लगवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के अधिकारियों को कॉल कर रहे हैं। इनमें विधान परिषद सदस्य से लेकर कैबिनेट मंत्री तक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार उनके मोबाइल पर प्रतिदिन सौ से अधिक कॉल आते हैं। वह नंबर लगवाने के लिए महाराजजी के शिष्यों से संपर्क करने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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दरअसल, प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए रात दो बजे ही वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु जुटने लगते हैं। वह अपने आश्रम से शिष्यों के साथ पैदल परिक्रमा को प्रतिदिन निकलते हैं, इससे पहले ही सड़कों पर उनके दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में अनुयायी पहुंच जाते हैं। फिर आश्रम में दिनभर दर्शन के लिए भक्त जुटे रहते हैं।
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अधिकारियों के अनुसार वीआईपी प्रेमानंद महाराज से मिलने की इच्छा जताते हैं। यह बात सुनने के बाद अधिकारी वीआईपी के पीआरओ को प्रेमानंद महाराज के आश्रम या किसी संत से संपर्क करने की राय देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार का कहना है कि अगर कोई वीआईपी प्रेमानंद से मिलने के लिए आते हैं तो उन्हें प्रॉटोकॉल दिया जाता है, जबकि उनसे मिलने के लिए शिष्यों से संपर्क करें। महाराज के दर्शन के लिए नंबर लगवाने का काम अधिकारियों का नहीं है।