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रामजन्मभूमि आंदोलन: आज भी कानूनी लड़ाई लड़ रहा रामभक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:13 AM IST
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Ramjanmabhoomi movement: Ram devotee still fighting legal battle
वृंदावन। अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के अधिकतर आरोपी न्यायालय ने बरी कर दिए हैं। भव्य राम मंदिर का निर्माण चल रहा है. लेकिन वृंदावन का एक राम भक्त विवादित ढांचा विध्वंस मामले में आज भी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। साढ़े तीन साल जेल काटने वाला सुरेश बघेल चार हजार रुपये का जुर्माना जमा करने के बाद फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है।
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सुरेश बघेल ने बताया कि आठ दिसंबर 1990 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उनसे डायनामाइट की 28 छड़ें बरामद हुईं थीं। पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा पांच, एनएसए, टाडा और सांप्रदायिक हिंसा फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में साढ़े तीन साल जेल काटी। फैजाबाद फास्ट ट्रैक कोर्ट और लखनऊ में टाडा के मामले का ट्रायल हुआ।
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साक्ष्य और गवाहोंं के अभाव में सभी केस खत्म हो गए. लेकिन हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के मामले में आज भी केस चल रहा है। न्यायालय ने 5 साल की कैद और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चार हजार रुपये जुर्माना जमा कर वह जमानत पर बाहर है। इस मामले की पैरवी उनके वकील आरके त्रिवेदी द्वारा की जा रही है। सुरेश बघेल वर्तमान में वृंदावन के गौरा नगर में परिवार के साथ जीवनयापन कर रहे हैैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए जीवनभर दुख सहे, लेकिन किसी राजनेता, पार्टी कार्यकर्ता ने उनकी सुध नहीं ली। उन्हें इस बात की खुशी है कि, जिस राम मंदिर के लिए उन्होंने जीवन दांव पर लगा दिया वह उनके जीते जी बन रहा है।
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