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Mathura News: रामबरात 11 और रावण दहन 20 अक्तूबर को
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मथुरा। श्रीरामलीला सभा के तत्वावधान में शहर में 21 दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का आयोजन तीन से 23 अक्तूबर तक किया जाएगा। कलाकारों का पूर्वाभ्यास (तालीम) 20 से 30 सितंबर तक चित्रकूट मसानी पर होगा। इस बार राम बरात 11 अक्तूबर और रावण दहन 20 को होगा।
मसानी स्थित चित्रकूट पर सभा की बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पदाधिकारियों को सौंपी गई। सभापति जयंती प्रसाद अग्रवाल और महामंत्री मूलचंद गर्ग ने बताया कि तीन अक्तूबर को मुकुट पूजन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। चार को गोस्वामी तुलसीदास का जीवन चरित्र, पांच को शिव-पार्वती विवाह, छह को नारद मोह तथा सात को आकाशवाणी और श्रीराम जन्म की लीला का मंचन होगा। इसी तरह आठ अक्तूबर को महर्षि गौतम-अहिल्या चरित्र, जानकी जन्म और ताड़का वध, नौ को पुष्प वाटिका व गौरी पूजन तथा 10 अक्तूबर को धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन होगा।
वहीं 11 अक्तूबर को राम बरात और श्रीराम-जानकी विवाह, 12 को कोप भवन, 13 को वनवास, दशरथ मरण एवं भरत आगमन तथा 14 को भरत मनाने, 15 को शूर्पणखा लीला, सीता हरण, 16 को शबरी मिलन, बाली वध, 17 को लंका दहन एवं सीता खोज, 18 को लक्ष्मण शक्ति, 19 को कुंभकरण-मेघनाद वध और 20 अक्तूबर को रावण वध और विजयादशमी-दशहरा मेला आयोजित होगा। 21 को भरत मिलाप, 22 को श्रीराम राज्याभिषेक और 23 अक्तूबर को शांति पाठ के साथ महोत्सव का समापन होगा।
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बैठक में गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, उपसभापति जुगल किशोर अग्रवाल, मंत्री विजय किरोड़ी सर्राफ, प्रदीप सर्राफ, कोषाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, आय-व्यय निरीक्षक अजय मास्टर, गोकुल चंद सर्राफ, सुभाष सिक्का, सर्वेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
अलग-अलग स्थलों पर होगा मंचन
रामलीला का मंचन तीन से 13 अक्तूबर तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच पर होगा। 14 से 19 अक्तूबर तक चित्रकूट लीला मंच, मसानी पर लीलाओं का आयोजन किया जाएगा। 18 से 20 अक्तूबर तक की प्रमुख लीलाएं रामलीला मैदान, महाविद्या में होंगी। 21 अक्तूबर को भरत मिलाप चौक बाजार चौराहा पर जबकि 22 अक्तूबर को श्रीराम राज्याभिषेक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच पर होगा। 23 अक्तूबर को चित्रकूट मसानी पर शांति पाठ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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मसानी स्थित चित्रकूट पर सभा की बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पदाधिकारियों को सौंपी गई। सभापति जयंती प्रसाद अग्रवाल और महामंत्री मूलचंद गर्ग ने बताया कि तीन अक्तूबर को मुकुट पूजन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। चार को गोस्वामी तुलसीदास का जीवन चरित्र, पांच को शिव-पार्वती विवाह, छह को नारद मोह तथा सात को आकाशवाणी और श्रीराम जन्म की लीला का मंचन होगा। इसी तरह आठ अक्तूबर को महर्षि गौतम-अहिल्या चरित्र, जानकी जन्म और ताड़का वध, नौ को पुष्प वाटिका व गौरी पूजन तथा 10 अक्तूबर को धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन होगा।
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वहीं 11 अक्तूबर को राम बरात और श्रीराम-जानकी विवाह, 12 को कोप भवन, 13 को वनवास, दशरथ मरण एवं भरत आगमन तथा 14 को भरत मनाने, 15 को शूर्पणखा लीला, सीता हरण, 16 को शबरी मिलन, बाली वध, 17 को लंका दहन एवं सीता खोज, 18 को लक्ष्मण शक्ति, 19 को कुंभकरण-मेघनाद वध और 20 अक्तूबर को रावण वध और विजयादशमी-दशहरा मेला आयोजित होगा। 21 को भरत मिलाप, 22 को श्रीराम राज्याभिषेक और 23 अक्तूबर को शांति पाठ के साथ महोत्सव का समापन होगा।
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बैठक में गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, उपसभापति जुगल किशोर अग्रवाल, मंत्री विजय किरोड़ी सर्राफ, प्रदीप सर्राफ, कोषाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, आय-व्यय निरीक्षक अजय मास्टर, गोकुल चंद सर्राफ, सुभाष सिक्का, सर्वेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
अलग-अलग स्थलों पर होगा मंचन
रामलीला का मंचन तीन से 13 अक्तूबर तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच पर होगा। 14 से 19 अक्तूबर तक चित्रकूट लीला मंच, मसानी पर लीलाओं का आयोजन किया जाएगा। 18 से 20 अक्तूबर तक की प्रमुख लीलाएं रामलीला मैदान, महाविद्या में होंगी। 21 अक्तूबर को भरत मिलाप चौक बाजार चौराहा पर जबकि 22 अक्तूबर को श्रीराम राज्याभिषेक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच पर होगा। 23 अक्तूबर को चित्रकूट मसानी पर शांति पाठ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।