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प्रभु राम के राज्याभिषेक के साक्षी बने श्रद्धालु, हुई जय-जयकार
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मथुरा। राज्याभिषेक के दौरान भगवान श्रीराम का राजतिलक करते कार्ष्णि गुरू शरणानंद जी महाराज। साथ
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान लीलामंच पर हुई लीला में प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक कर उन्हें राजगद्दी सौंपी गई। प्रभु श्रीराम को राज सिंहासन पर विराजमान कर मुनि ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन एवं वेदोच्चारण के मध्य गुरु शरणानंद महाराज ने श्रीराम का राजतिलक किया। राजा रामचंद्र के जय घोष से कृष्ण जन्मस्थान गुंजायमान हो गया।
चारों वेद प्रभु की स्तुति करते हैं। प्रभु उन्हें अपनी अविरल भक्ति का वरदान देते हैं। भगवान शंकर पधार कर प्रणाम कर स्तुति एवं नृत्य करते हैं। अयोध्यापति श्रीराम, भ्राता भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न वानर विदाई के समय सभी को आभूषण प्रदान करते हैं। माता जानकी हनुमंत लाल को अपनी मणिमाला प्रदान करती हैं तो हनुमानजी उस मणिमाला के मोतियों को अपने दांतों से तोड़ते हैं। यह देख माता जानकी दुखी होती हैं एवं दरबारीजन उपहास करते हैं कि यह वानर मणिमाला का महत्व नहीं जानता हैं। उपहास से क्रोधित होकर अपना हृदय चीर कर माता सीता व राम के दर्शन कराते हैं।
इस दौरान रामलीला सभा के पदाधिकारियों रविकांत गर्ग, सभापति जयंती प्रसाद अग्रवाल, उपसभापति जुगलकिशोर अग्रवाल, नंदकिषोर अग्रवाल, प्रधानमंत्री मूलचंद गर्ग, विजय किरोड़ी, प्रदीप कुमार सराफ, शैलेश अग्रवाल सराफ, पं. शशांक पाठक, बांकेबिहारी, संजय, प्रदीप गोस्वामी, सर्वेश शर्मा, अनूप, उमेश कुमार ने भी तिलक किए। इस अवसर पर बांकेबिहारी महेश्वरी, दीनानाथ चौधरी, नवीन मित्तल, सुरेंद्र शर्मा खौना, विजय बहादुर सिंह, चिंताहरण चतुर्वेदी, चौधरी अमित, विशनचंद हकीम, चौधरी महेश थे।
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चारों वेद प्रभु की स्तुति करते हैं। प्रभु उन्हें अपनी अविरल भक्ति का वरदान देते हैं। भगवान शंकर पधार कर प्रणाम कर स्तुति एवं नृत्य करते हैं। अयोध्यापति श्रीराम, भ्राता भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न वानर विदाई के समय सभी को आभूषण प्रदान करते हैं। माता जानकी हनुमंत लाल को अपनी मणिमाला प्रदान करती हैं तो हनुमानजी उस मणिमाला के मोतियों को अपने दांतों से तोड़ते हैं। यह देख माता जानकी दुखी होती हैं एवं दरबारीजन उपहास करते हैं कि यह वानर मणिमाला का महत्व नहीं जानता हैं। उपहास से क्रोधित होकर अपना हृदय चीर कर माता सीता व राम के दर्शन कराते हैं।
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इस दौरान रामलीला सभा के पदाधिकारियों रविकांत गर्ग, सभापति जयंती प्रसाद अग्रवाल, उपसभापति जुगलकिशोर अग्रवाल, नंदकिषोर अग्रवाल, प्रधानमंत्री मूलचंद गर्ग, विजय किरोड़ी, प्रदीप कुमार सराफ, शैलेश अग्रवाल सराफ, पं. शशांक पाठक, बांकेबिहारी, संजय, प्रदीप गोस्वामी, सर्वेश शर्मा, अनूप, उमेश कुमार ने भी तिलक किए। इस अवसर पर बांकेबिहारी महेश्वरी, दीनानाथ चौधरी, नवीन मित्तल, सुरेंद्र शर्मा खौना, विजय बहादुर सिंह, चिंताहरण चतुर्वेदी, चौधरी अमित, विशनचंद हकीम, चौधरी महेश थे।
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