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Mathura News: क्यूआर कोड बना निगहेबान, सफर में सुरक्षित रखेगा जान
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मथुरा। क्या आप जानते हैं कि ई-रिक्शा या ऑटाे में लगा एक छोटा सा क्यूआर कोड आपकी सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। यदि कोई ई-रिक्शा या ऑटो चालक किसी सवारी से बदतमीजी या छेड़खानी करने की कोशिश करेगा, तो उसकी खैर नहीं। मोबाइल निकालिए, क्यूआर कोड को स्कैन कीजिए और तुरंत सामने आ जाएगा चालक का पूरा कच्चा-चिट्ठा यानि उसक नाम, पता, मोबाइल नंबर और गाड़ी का वेरिफिकेशन सब कुछ। इस हथियार का इस्तेमाल कर मथुरा में कई महिलाओं ने ऐसे कई मनचले चालकों को हवालात तक पहुंचाया है।
ऑटो और ई-रिक्शा में भीतर और बाहर लगाए गए क्यूआर कोड महिलाओं का सुरक्षा कवच बन रहे हैं। कई ऐसी घटनाएं सामने आईं हैं, जिनमें क्यूआर कोड की मदद से पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले तिपहिया वाहन चालकों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। हाल ही में दो मामलों में महिलाओं ने इसी सुविधा का सहारा लेकर अपने परिजन को क्यूआर कोड भेजा और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जैसे ही डिजिटल कोड को मोबाइल से स्कैन किया तो वाहन स्वामी का नाम, चालक का विवरण, उसका मोबाइल नंबर, गाड़ी संख्या और संबंधित थाना क्षेत्र की जानकारी तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देने लगी। आगे का काम पुलिस ने बखूबी किया और चालकों को धर दबोचा।
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केस-1
गोविंद नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ऑटो में सवार होकर कोचिंग के लिए जा रही थी। यात्रा के दौरान युवती को चालक की हरकत ठीक नहीं लगी तो उसने चालाकी के साथ क्यूआर कोड का फोटो लेकर परिजन को भेज दिया। इसके बाद ऑटो से उतर गई। इसी क्यूआर कोड के आधार पर पुलिस से शिकायत हुई और पुलिस ने इस चालक को पकड़कर सबक सिखाया।
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केस-2
जमुनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ऑटो वाहन से कहीं जा रही थी। यात्रा के समय चालक के व्यवहार को लेकर वह असहज हो गई। महिला ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर लिया। क्यूआर कोड स्कैन करते ही चालक की कुंडली निकल आई। फिर पीड़िता ने तत्काल 112 पर कॉल कर दी और पुलिस उसे पकड़कर ले गई।
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छात्रा के साथ दरिंदगी के बाद शुरू हुई थी पहल
पिछले साल सितंबर में लखनऊ की छात्रा एक निजी विवि में प्रवेश लेने के लिए मथुरा आई थी। वह तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर उतरी थी। छात्रा यहां से ऑटो में बैठकर वृंदावन रोड स्थित एक विवि के लिए चली थी। चालक ने ऑटो काे एक्सप्रेस-वे पर एक सुनसान जगह रोक दिया। यहां पर जबरन छात्रा को खींचकर झाड़ियों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागी थी। पुलिस ने आरोपी चालक को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की गई।
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तिपहिया वाहनों में लगे क्यूआर कोड स्कैन कर महिलाएं चालक की सूचना या जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। बीते दिनों के आकलन से यह सामने आया है कि सुरक्षा के लिहाज से यह मुहिम महिलाओं के लिए कारगर साबित हो रही है। कई महिलाओं ने इसी के जरिए शिकायत कर मनचले चालकों को सबक सिखाया है।
- श्लोक कुमार, एसएसपी
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ऑटो और ई-रिक्शा में भीतर और बाहर लगाए गए क्यूआर कोड महिलाओं का सुरक्षा कवच बन रहे हैं। कई ऐसी घटनाएं सामने आईं हैं, जिनमें क्यूआर कोड की मदद से पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले तिपहिया वाहन चालकों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। हाल ही में दो मामलों में महिलाओं ने इसी सुविधा का सहारा लेकर अपने परिजन को क्यूआर कोड भेजा और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जैसे ही डिजिटल कोड को मोबाइल से स्कैन किया तो वाहन स्वामी का नाम, चालक का विवरण, उसका मोबाइल नंबर, गाड़ी संख्या और संबंधित थाना क्षेत्र की जानकारी तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देने लगी। आगे का काम पुलिस ने बखूबी किया और चालकों को धर दबोचा।
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केस-1
गोविंद नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ऑटो में सवार होकर कोचिंग के लिए जा रही थी। यात्रा के दौरान युवती को चालक की हरकत ठीक नहीं लगी तो उसने चालाकी के साथ क्यूआर कोड का फोटो लेकर परिजन को भेज दिया। इसके बाद ऑटो से उतर गई। इसी क्यूआर कोड के आधार पर पुलिस से शिकायत हुई और पुलिस ने इस चालक को पकड़कर सबक सिखाया।
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केस-2
जमुनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ऑटो वाहन से कहीं जा रही थी। यात्रा के समय चालक के व्यवहार को लेकर वह असहज हो गई। महिला ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर लिया। क्यूआर कोड स्कैन करते ही चालक की कुंडली निकल आई। फिर पीड़िता ने तत्काल 112 पर कॉल कर दी और पुलिस उसे पकड़कर ले गई।
छात्रा के साथ दरिंदगी के बाद शुरू हुई थी पहल
पिछले साल सितंबर में लखनऊ की छात्रा एक निजी विवि में प्रवेश लेने के लिए मथुरा आई थी। वह तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर उतरी थी। छात्रा यहां से ऑटो में बैठकर वृंदावन रोड स्थित एक विवि के लिए चली थी। चालक ने ऑटो काे एक्सप्रेस-वे पर एक सुनसान जगह रोक दिया। यहां पर जबरन छात्रा को खींचकर झाड़ियों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागी थी। पुलिस ने आरोपी चालक को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की गई।
तिपहिया वाहनों में लगे क्यूआर कोड स्कैन कर महिलाएं चालक की सूचना या जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। बीते दिनों के आकलन से यह सामने आया है कि सुरक्षा के लिहाज से यह मुहिम महिलाओं के लिए कारगर साबित हो रही है। कई महिलाओं ने इसी के जरिए शिकायत कर मनचले चालकों को सबक सिखाया है।
- श्लोक कुमार, एसएसपी