फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Pollution in Yamuna

यमुना में नालों का पानी: शासन की सख्ती पर दौड़े अफसर

Fri, 17 Jan 2020 08:12 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 08:12 PM IST
विज्ञापन
Pollution in Yamuna
मथुरा। यमुना के पानी पर नाले से बहकर आई गंदगी। - फोटो : MATHURA
मथुरा। जल निगम के परियोजना प्रबंधक महाराज सिंह के शासन स्तर से निलंबन के बाद यमुना में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह से ही जल निगम, नगर निगम के जलकल विभाग के अधिकारियों की टीमें स्वामी घाट और बंगाली घाट के बीच पसीना बहाती रहीं। बंगाली घाट सीवेज पंपिंग स्टेशन के दोनों पंप चलाए गए। करीब बीस मिनट के अंतराल में ही गंदा पानी यमुनापार के एसटीपी प्लांट की लाइन में उड़ेल दिया।
विज्ञापन

जल निगम और नगर निगम के बीच चले विवाद के बाद दोनों विभाग नालों के गंदे पानी को यमुना में सीधे गिरने से बचाने में जुट गए हैं। सुबह दस बजे प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, जल निगम के परियोजना अभियंता प्रवीण माहेश्वरी, सुमित कुमार, जेई आसिफ अहमद के अलावा नगर निगम के सफाईकर्मी बंगाली घाट के पंपिंग स्टेशन पर पहुंच गए।
विज्ञापन

उनके द्वारा बंगाली घाट पर चल रहे दूसरे पंप को भी चलाया गया। जिससे मात्र 20 मिनट के अंदर ही नालों का पानी यमुनापार के एसटीपी तक जा रही राइजिंग लाइन में पहुंच गया। इस कार्रवाई की रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा डीएम सर्वज्ञराम मिश्र को सौंपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कम पानी हुआ डिस्चार्ज
शुक्रवार को बंगाली घाट से लेकर स्वामी घाट क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई कम की गई जिसके चलते सीवर में पानी का डिस्चार्ज हुआ। जल निगम के अधिकारियों के अनुसार रोज ऐसी स्थिति हो तो फिर चार पंप लगाने की आवश्यकता ही नहीं है। उनके द्वारा बताया गया कि वास्तव में सीवेज साफ नहीं होते हैं जिसके चलते पानी सीवेज में ही अटक जाता है और यमुना में तो गंदा पानी आता ही है साथ ही सड़क पर भी सीवर लाइन का गंदा पानी आ जाता है।
नालों की गंदगी से भर गए यमुना के घाट
बुधवार, बृहस्पतिवार को हुई बारिश में आया गंदा पानी सीधे यमुना में गिरा। जिससे नालों में जो गंदगी समाई थी वह सीधे तौर पर यमुना में जा गिरी। इस गंदगी के गिरने के बाद यमुना में चारों ओर गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही है। विश्व रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने बताया कि इस गंदगी को लेकर संबधित अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। 130 एमएलडी पानी यमुना में रोज गिर रहा है।
नहीं उठ सकी यमुना किनारे पड़ी सिल्ट
नमामि गंगे के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते आधी यमुना में गंदे नालों की सिल्ट भरी हुई है। जिसके चलते यमुना जल का बहाव थम गया है और कई घाटों के किनारे पर यमुना जल न होकर के सिर्फ नालों की सिल्ट दिखाई दे रही है। इस संबंध में निगम द्वारा अभी तक कोई काम नहीं किया जा रहा है।

डीएम को सौंपेेंगे रिपोर्ट
आज हमने यमुना में गिर रहे नालों को देखा है। बंगाली घाट पर एक पंप पहले से चल रहा था। दूसरे पंप को चलवाकर गंदा पानी एसटीपी के लिए पंप कराया। इस सबकी रिर्पार्ट डीएम को दी जाएगी ।
- डॉ. अरविंद कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed