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न्यायिक आयोग के समक्ष एलआईयू वालों की पेशी
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:04 PM IST
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न्यायिक आयोग
- फोटो : अमर उजाला
न्यायिक आयोग के समक्ष सोमवार को एलआईयू वालों की पेशी हुई। जवाहरबाग हिंसा के संबंध में इनकी गवाही कराई गई। अफसरों का कहना है कि अभी एलआईयू अफसरों की गवाही पूरी नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी बुलाए गए थे।
मथुरा के जवाहरबाग में दो जून को हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए शासन ने न्यायिक आयोग का गठन किया था। जुलाई से आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है। पहले लोगों के बयान दर्ज कराए गए और फिर शपथपत्र लिए गए थे।
अब गवाही कराई जा रही है। सोमवार को फिर न्यायिक आयोग के चेयरमैन और सचिव पहुंचे और गवाही कराई गई। एलआईयू के अधिकारियों को बयान के लिए तलब किया गया था। इनसे पूछा गया कि पूरे मामले में उन्होंने क्या-क्या रिपोर्ट दी और प्रशासन को क्या सूचनाएं दी गई थीं।
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अफसरों ने कहा कि वह हर बार अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते रहे थे। जिस तरह से रामवृक्ष यादव जवाहरबाग में भीड़ जुटा रहा था उसी तरह से जानकारी दी जा रही थी। एलआईयू के अफसरों की पहले चरण की गवाही हो चुकी है, जबकि आगे फिर होगी। इस हिंसा के संबंध में कुछ पुलिस वालों की भी गवाही कराई गई। अब सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कॉल किया जा रहा है। सभी को आयोग ने नोटिस जारी कर दिया है।
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मथुरा के जवाहरबाग में दो जून को हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए शासन ने न्यायिक आयोग का गठन किया था। जुलाई से आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है। पहले लोगों के बयान दर्ज कराए गए और फिर शपथपत्र लिए गए थे।
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अब गवाही कराई जा रही है। सोमवार को फिर न्यायिक आयोग के चेयरमैन और सचिव पहुंचे और गवाही कराई गई। एलआईयू के अधिकारियों को बयान के लिए तलब किया गया था। इनसे पूछा गया कि पूरे मामले में उन्होंने क्या-क्या रिपोर्ट दी और प्रशासन को क्या सूचनाएं दी गई थीं।
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अफसरों ने कहा कि वह हर बार अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते रहे थे। जिस तरह से रामवृक्ष यादव जवाहरबाग में भीड़ जुटा रहा था उसी तरह से जानकारी दी जा रही थी। एलआईयू के अफसरों की पहले चरण की गवाही हो चुकी है, जबकि आगे फिर होगी। इस हिंसा के संबंध में कुछ पुलिस वालों की भी गवाही कराई गई। अब सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कॉल किया जा रहा है। सभी को आयोग ने नोटिस जारी कर दिया है।